
रांची: नासिक की एक कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ हुए शोषण और प्रताड़ना की घटना को हिंदू जनजागृति समिति ने केवल एक नाशिक शहर का मामला न मानकर इसे ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का हिस्सा बताया है। इस गंभीर विषय पर समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल माननीय श्री संतोष कुमार गंगवार जी से मुलाकात की। राज्यपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
Hindu Janajagruti Samiti’s Northeast India State Coordinator Shri. Shambhu Gaware (@Shambhu_HJS) met Hon’ble Jharkhand Governor Shri. @SantoshGangwar Ji and submitted a memorandum demanding a nationwide special security & anti-religious discrimination audit across IT and… pic.twitter.com/KvsQH9KKXp
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) May 6, 2026
समिति के पूर्वोत्तर भारत समन्वयक श्री शंभू गवारे ने राज्यपाल को बताया कि नाशिक की घटना ने कॉर्पोरेट जगत के भीतर चल रहे एक खतरनाक षड्यंत्र को उजागर किया है। वहां हिंदू युवतियों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने और उनके धार्मिक विश्वासों पर चोट करने के संगठित प्रयास किए गए। समिति का मानना है कि इस तरह के ‘स्लीपर सेल’ राँची सहित देश के अन्य बड़े शहरों की आईटी कंपनियों में भी सक्रिय हो सकते हैं, जिससे कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है।
मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने कहा कि वे इस पूरे प्रकरण की जानकारी आज ही प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री को भेजेंगे। हिंदू जनजागृति समिति ने पुरजोर मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच एनआईए (NIA) से कराई जाए और देशभर की बहुराष्ट्रीय कंपनियों में ‘विशेष सुरक्षा ऑडिट’ लागू किया जाए। समिति ने यह भी मांग की कि जो कंपनियां ऐसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने में विफल हैं, उनका लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।








