
मुंबई – एम.के. स्टालिन अब तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्हें उनके अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में पराजय का सामना करना पड़ा। उनके पुत्र उदयनिधि स्टालिन ने सितंबर २०२३ में सनातन धर्म को समाप्त करने (‘इरैडिकेट’ करने) का वक्तव्य किया था। उन्होंने कहा था कि “सनातन धर्म डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों के समान है !” इस माध्यम से उन्होंने सनातन धर्म का घोर अपमान किया था। इसके विरोध में पूरे देशभर में जनाक्रोश उत्पन्न हुआ था। आज तमिलनाडु के सभी सनातन धर्मप्रेमी भाई-बहनों ने सनातन धर्म की संगठित शक्ति इस स्टालिन परिवार को दिखा दी है, ऐसी स्पष्ट भूमिका सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने तमिलनाडु चुनावों के परिणामों पर व्यक्त की है।

श्री वर्तक ने आगे कहा कि, सामान्यतः सनातन संस्था किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं करती; परंतु आज हमें इस विषय पर विशेष रूप से प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता उत्पन्न हुई, क्योंकि इस परिवार और द्रमुक पार्टी ने सनातन धर्मियों के संदर्भ में एक विशेष भूमिका अपनाई थी। तमिलनाडु की धर्मप्रेमी जनता का हम अभिनंदन करते हैं !








