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16 हजार से अधिक हिंदुओं की उपस्थिति में संपन्न हुई अकोला की भव्य ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति’ सभा

संतों की वंदनीय उपस्थिति

अकोला में हिंदुत्व की महाहुंकार: ‘भारत को आधिकारिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करें’ – विधायक टी. राजा सिंह का प्रतिपादन

बाईं ओर से सनातन संस्था की सद्गुरु (कु.) स्वाती खाडये, दीप प्रज्वलन करते हुए भाग्यनगर के हिन्दुत्ववादी विधायक टी. राजा सिंह तथा हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक श्री सुनील घनवट

अकोला: तेलंगाना के प्रखर हिंदुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजा सिंह ने अकोला की ऐतिहासिक भूमि पर हिंदुत्व का नया मंत्र फूंकते हुए संकल्प व्यक्त किया कि अब भारत को आधिकारिक रूप से ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित करने का समय आ गया है। अकोला के श्री एकवीरा मैदान में आयोजित भव्य ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति’ सभा में उमड़ा 16 हजार से अधिक हिंदुओं का जनसागर देखकर उन्होंने अकोला के हिंदुओं की जागृति की जमकर प्रशंसा की।

​हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति द्वारा आयोजित इस सभा में मुख्य रूप से पू. श्री ईश्वरदास महाराज, पू. बालकदास महाराज और सनातन संस्था के धर्मप्रचारक संत पू. अशोक पात्रीकर की वंदनीय उपस्थिति रही। संतों के आशीर्वाद और वेदमंत्रों के उद्घोष के साथ सभा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मंच पर सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये और हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट के भी ओजस्वी संबोधन हुए।

सभा में कॉर्पोरेट जिहाद व लव जिहाद के विरोध में “बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित” का लोगो प्रदर्शित 

​ अतिक्रमण और लव जिहाद के विरुद्ध हुंकार

विधायक टी. राजा सिंह ने अपनी शैली में राज्य के ज्वलंत मुद्दों को उठाया। औरंगजेब की कब्र के रखरखाव के लिए खर्च किए जाने वाले सरकारी कोष को रोकने की मांग करते हुए उन्होंने विदर्भ के नरनाला और नरसिंहगढ़ किलों पर हुए ‘हरे अतिक्रमण’ का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सीधा चेतावनी देते हुए कहा, “यदि पुरातत्व विभाग ने इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की, तो छत्रपती शिवाजी महाराज के मावलों को स्वयं का मार्ग अपनाना पड़ेगा।” साथ ही, अकोला नगर निगम के स्थायी समिति सभागार का नाम ‘टीपू सुल्तान’ से बदलकर ‘धर्मवीर छत्रपती संभाजी महाराज’ करने के लिए उन्होंने प्रशासन को ७ मई तक की समय-सीमा दी है।

​ सत्य की विजय और संगठित होने का आवाहन

सभा को संबोधित करते हुए सद्गुरु स्वाती खाडये ने ‘हिंदू आतंकवाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग कर हिंदुत्वनिष्ठों को बदनाम करने की पुरानी साजिशों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई मामलों में न्यायालय द्वारा हिंदुत्वनिष्ठों की ससम्मान दोषमुक्ति सत्य की विजय है। समर्थ रामदास स्वामी की सीख ‘धटासी आणावा धट’ (दुष्ट के साथ दुष्टता का व्यवहार) का स्मरण कराते हुए उन्होंने जाति-पाति भूलकर एकजुट होने का आह्वान किया।

​’बिंदी घर’ और ‘ग्राम सुरक्षा दल’

हिंदू जनजागृति समिति के श्री सुनील घनवट ने प्रशासन की भूमिका पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया। उन्होंने कहा, “छत्रपति के महाराष्ट्र में हिंदुओं की सभाओं का विरोध होना दुर्भाग्यपूर्ण है।” अकोला के ‘बिंदी घर’ प्रकरण का संदर्भ देते हुए उन्होंने हिंदुओं को सतर्क रहने के लिए कहा। साथ ही प्रत्येक गांव में ‘ग्राम सुरक्षा दल’ की स्थापना कर धर्म पर होने वाले आघातों को रोकने की अपील की।

16 हजार से अधिक संख्या में उपस्थित हिंदू जनसमुदाय

​ गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक सभा में अकोला के सांसद श्री अनुप संजय धोत्रे, विधायक श्री रणधीर सावरकर, महापौर शारदा खेडकर, उपमहापौर श्री अमोल गोगे, पूर्व महापौर सुमन गावंडे, नगर निगम सदन नेता पवन महल्ले, शिवसेना (शिंदे गुट) शहर प्रमुख राजेश मिश्रा और जिला उपाध्यक्ष योगेश अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति के वकीलों के दल ने विधायक राजा सिंह को कानूनी सहयोग का आश्वासन पत्र सौंपा। सभा के अंत में बाल साधकों द्वारा साकार महापुरुषों के स्वरूप और ‘वंदे मातरम्’ के गायन से संपूर्ण वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर हो गया।

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