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गाजियाबाद: सिद्धपीठ शिवशक्ति धाम की महंत यति मां चेतनानंद सरस्वती का देहत्याग

गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): अध्यात्म और राष्ट्र की प्रखर आवाज, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में डासना स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ शिवशक्ति धाम चंडी देवी मंदिर की महंत यति मां चेतनानंद सरस्वतीजी ने ३० अप्रैल की दोपहर देहत्याग किया। उनके निधन के समाचार से हिंदू संगठन, संत तथा उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड गई है।

धर्म रक्षा और ‘शत्रुबोध’ के लिए समर्पित जीवन

यति मां चेतनानंद सरस्वतीजी केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, अपितु हिंदू समाज की बेटियों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाली एक सजग प्रहरी भी थीं। हिंदू जनजागृति समिति (HJS) के साथ उनके गहरे संबंध थे और वे ‘वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव’ जैसे आयोजनों की एक प्रमुख स्तंभ मानी जाती थीं।

उन्होंने सदैव इस बात पर बल दिया कि, हिंदुओं को ‘शत्रुबोध’ (अपने शत्रुओं की पहचान) होना अनिवार्य है। साथ उनका मानना था कि, हिन्दुओं की समस्याओं का मूल कारण साधना और क्षात्रतेज का अभाव है।

लव जिहाद के विरुद्ध प्रखर वैचारिक युद्ध

यति मां चेतनानंद सरस्वतीजी ने ‘लव जिहाद’ को हिंदू समाज के अस्तित्व पर एक बड़ा संकट बताया था। उन्होंने संपूर्ण देश में लव जिहाद कानून बनाने की मांग भी उठाई थी।

फिल्म जगत का षड्यंत्र : उन्होंने चेतावनी दी थी कि, फिल्म जगत द्वारा इस्लामी देशों से मिल रही फंडिंग के कारण ‘लव जिहाद’ का नैरेटिव सेट किया जा रहा है, जिसमें हिंदू धर्म को पिछड़ा और महिलाओं को कमतर आंकने का प्रयास किया जाता है।

धर्म शिक्षा का अभाव: उनका मानना था कि यदि हिंदू युवतियों को बचपन से ही हिंदू धर्म की उचित शिक्षा दी गई होती, तो वे ऐसे संकटों का शिकार नहीं होतीं।

निजी जानकारी की सुरक्षा: उन्होंने महिलाओं से आवाहन किया था कि, वे सोशल मीडिया पर अपनी पहचान साझा न करें, क्योंकि जिहादी तत्व इसका उपयोग उन्हें शिकार बनाने के लिए कर सकते हैं।

भविष्य के संघर्ष के लिए हिंदुओं का आवाहन : अपने हालिया संबोधन में, उन्होंने राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि समाज को आने वाले संघर्षपूर्ण समय के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि, हिंदुओं को अब अपने परिवार को ‘शत्रुबोध’ से अवगत कराना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखा जा सके।

वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में सक्रिय सहभाग

यति मां चेतनानंद सरस्वती गोवा में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में सम्मिलित होते आई थी। उनका विश्वास था कि ‘वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव’ जैसे कार्यक्रम हिंदुओं में संस्कारों का पुनर्जीवन करते हैं। उन्होंने कहा था, “जब हम समर्पित होकर धर्मकार्य करेंगे, तब केवल भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व में हिंदू धर्म की स्थापना संभव होगी।”

महंत यति मां चेतनानंद सरस्वतीजी का जीवन त्याग, तपस्या और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनके द्वारा प्रज्वलित की गई धर्म रक्षा की ज्योति हिंदू समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

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