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मानद पशु कल्याण अधिकारी शिवशंकर स्वामी का गंभीर आरोप
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भूमि को वक्फ बोर्ड के अंतर्गत दर्ज किए जाने का भी आरोप !

पुणे : शिवाजीनगर पुलिस लाइन में कार्यरत मुस्लिम पुलिसकर्मियों को नमाज़ अदा करने के लिए एक सीमित स्थान प्रदान किया गया था; किन्तु आरोप है कि उस स्थान के आसपास लगभग १० गुंठे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर एक विस्तृत संरचना का निर्माण किया गया है।
इस संबंध में मानद पशु कल्याण अधिकारी श्री शिवशंकर स्वामी ने एक सामाजिक माध्यम पर वीडियो प्रकाशित कर यह गंभीर आरोप लगाया है कि इस संवेदनशील क्षेत्र से सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने उक्त निर्माण को अनधिकृत बताते हुए उस पर त्वरित कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में निम्नलिखित बिंदु प्रस्तुत किए हैं –

बाहरी व्यक्तियों की उपस्थिति एवं सुरक्षा संबंधी चिंताएं
इस मस्जिद में केवल पुलिस विभाग के मुस्लिम कर्मचारियों को नमाज़ अदा करने की अनुमति होने के बावजूद, वास्तव में पुणे कैंप, कोंढवा, खड़की और दापोडी जैसे क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 400 से 500 लोग नमाज़ के लिए आते हैं। इसके कारण डीसीपी बंगले के आसपास अनधिकृत रूप से वाहनों की पार्किंग बढ़ गई है। साथ ही, मस्जिद के सामने स्थित मॉडर्न महाविद्यालय की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होने के आरोप लगाए गए हैं, जिससे स्थानीय पुलिस परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई है।
आतंकवाद-रोधी पथक के कार्यालय पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी ?
यह भी आरोप लगाया गया है कि बाहरी राज्य से आए दो विवादास्पद मौलवी (इस्लामिक धार्मिक नेता) यहां अवैध रूप से रह रहे हैं और वे भडकाऊ भाषण देते हैं। साथ ही, रात्रि के समय संदिग्ध व्यक्तियों की बैठकों के आयोजन का भी आरोप है।
इसके अतिरिक्त, यह भी कहा गया है कि कोथरूड क्षेत्र में आतंकवादी पकड़े जाने की घटना के समय, मस्जिद से लगभग 20 मीटर की दूरी पर स्थित आतंकवाद-रोधी पथक (एटीएस) के कार्यालय पर नजर रखने के उद्देश्य से कुछ पुलिसकर्मियों और उक्त मौलवियों द्वारा मस्जिद के पीछे की ओर से कैमरा घुमाया गया था, जिसे बाद में पुलिस द्वारा हस्तक्षेप करने पर हटा दिया गया।
शासकीय भूमि वक्फ बोर्ड के अधीन दर्ज किए जाने का आरोप !
यह आरोप लगाया गया है कि, पुलिस विभाग में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने बाहरी संगठनों के साथ मिलकर इस शासकीय भूमि को वक्फ बोर्ड के अंतर्गत दर्ज कराया है। इस गंभीर प्रकरण की जानकारी स्थानीय प्रशासन को भी नहीं थी।
इस संबंध में पुलिस आयुक्त तथा पुलिस महानिदेशक को लिखित शिकायत देकर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है; साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में पुलिस मुख्यालय को उड़ाने की धमकियां भी प्राप्त हुई थीं।
दोषी पुलिसकर्मियों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग !
शिवाजीनगर पुलिस लाइन परिसर में शस्त्रागार (दारूगोला भंडार), पुलिस मुख्यालय, आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) कार्यालय तथा बम निरोधक दस्ता जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय स्थित होने के कारण यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
अतः मांग की गई है कि, अनधिकृत रूप से निर्मित इस मस्जिद को हटाया जाए तथा इस प्रकरण में संलिप्त पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, जिसमें आवश्यकता अनुसार उनके सेवा-सम्बंधित लाभों पर भी निर्णय लिया जाए।








