
मुंबई – डॉ. नरेंद्र दाभोलकर के हत्या प्रकरण के आरोपी श्री. शरद कलसकर को मुंबई उच्च न्यायालय ने जमानत दिया है । न्यायमूर्ति ए. एस्. गडकरी एवं न्यायमूर्ति रणजितसिंह भोसले की खंडपीठ ने २९ अप्रैल को यह निर्णय दिया । न्यायमूर्ति रणजितसिंह भोसले आभासी माध्यम (ऑनलाइन) से उपस्थित थे ।
अगस्त २०१८ में महाराष्ट्र आतंकवादविरोधी दल ने श्री. शरद कलसकर को बंदी बनाया था । श्री. शरद कलसकर के पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता नितिन प्रधान, अधिवक्ता शुभदा खोत एवं अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने युक्तीवाद किया । इस प्रकरण के आरोपियों के पक्ष से अधिवक्ता सिद्धविद्या, अधिवक्ता घनश्याम उपाध्याय, अधिवक्ता सुभाष झा, अधिवक्ता सुवर्णा आव्हाड – वत्स, अधिवक्ता सचिन कणसे संघर्ष कर रहे हैं । श्री. शरद कलसकर पर डॉ. दाभोलकर पर गोली चलाने का अभियोग है ।
बता दें कि, १० मई २०२४ के दिवस डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में डॉ. वीरेंद्र तावडे, अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर एवं श्री. विक्रम भावे को पुणे के विशेष न्यायालय ने निर्दोष मुक्त किया था; किंतु श्री. शरद कलसकर एवं श्री. सचिन अंदुरे को आजीवन कारावास का दंड सुनाया था ।








