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मुंबई में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के विरोध में जनजागृति अभियान इस विशेष संवाद को उत्स्फूर्त प्रतिसाद

‘कॉर्पोरेट जिहाद’ को सहायता करनेवाली संस्थाओं और व्यक्तियों पर भी कड़ी कार्रवाई करें! – हिंदू जनजागृति समिति की मांग

 अंतरधार्मिक विवाह के लिए माता-पिता के ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) की शर्त महाराष्ट्र में भी लागू करने की मांग 

बाई ओर से श्री रमेश शिंदे, अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत और श्रीमती धनश्री केळशीकर

मुंबई – नाशिक स्थित टीसीएस (TCS) प्रतिष्ठान के एक प्रकरण के कारण ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ शब्द हाल ही में चर्चा में आया है, लेकिन यह षड्यंत्र नया नहीं है। वर्ष 711 में मोहम्मद बिन कासिम के आक्रमण से ही भारत में सुनियोजित रूप से जिहाद का षड्यंत्र चलाया जा रहा है। इस संकट के प्रति हिंदुओं में व्यापक जागरूकता नहीं होने के कारण अब हिंदू जनजागृति समिति की ओर से देशव्यापी ‘बेटी बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा, ऐसा प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने किया। मुंबई के मुलुंड स्थित पद्मावती बैंक्वेट सभागृह में 26 अप्रैल को ‘कॉर्पोरेट जिहाद के विरोध में जनजागृति अभियान’ विषय पर एक विशेष संवाद का आयोजन किया गया था, उस समय वे बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में हिंदुत्वनिष्ठ अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत और सनातन संस्था की श्रीमती धनश्री केळशीकर ने भी उपस्थितों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवक-युवतियां और हिंदुत्वनिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।

इस दौरान श्री रमेश शिंदे ने आगे कहा कि, भारत में शरीयत के अनुसार शासन न होने के कारण भारत को ‘दारुल इस्लाम’ बनाने के जिहादी षड्यंत्र को ‘गजवा-ए-हिंद’ कहा जाता है। हिंदू युवतियों को ‘लव जिहाद’ से बचाने के लिए हम ‘बेटी बचाओ अभियान’ शुरू कर रहे हैं। गुजरात राज्य की तर्ज पर, किसी अन्य धर्म के व्यक्ति से विवाह करने के लिए 90 दिन पहले माता-पिता को सूचित करना और उनका ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) प्रस्तुत करना, यह प्रावधान महाराष्ट्र सरकार को भी धर्मांतरण विरोधी कानून में तत्काल लागू करना चाहिए।

अधिवक्ता (सौ.) प्रीति राऊत

अधिवक्ता श्रीमती प्रीति राऊत ने कहा कि, आज हिंदू युवतियां ‘लव जिहाद’ का शिकार हो रही हैं और ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। इन अपराधों में सहायता करने वाली संस्थाओं और लोगों को भी अपराधियों की श्रेणी में लाकर कड़ी सजा दी जानी चाहिए। देश में 80% हिंदू होने के बावजूद 20% लोगों के लिए हिंदुओं को दबाया जा रहा है। इसे रोकने के लिए हिंदू युवतियों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से सशक्त होना समय की आवश्यकता है। दुर्भाग्यवश, प्रशासन में जिहाद को रोकने के प्रति अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं देती।

श्रीमती धनश्री केळशीकर

श्रीमती धनश्री केळशीकर ने कहा कि, ‘टीसीएस’ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के मामले सामने आने के बावजूद कुछ मीडिया संस्थानों ने ऐसी किसी घटना के न होने का दावा कर समाज को गुमराह करने का प्रयास किया। अब माता-पिता को अपने बच्चों के साथ किस प्रकार के लोगों का संपर्क है, इस बारे में अत्यंत सजग रहना आवश्यक है।

इस विशेष संवाद का समापन उपस्थितों की शंकाओं के समाधान हेतु आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र तथा सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन के साथ हुआ।

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