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कर्नाटक : सीईटी की परीक्षा में जनेऊ एवं आभूषण हटाने के लिए बाध्य करनेवालों पर सख्त कार्यवाही करें – हिन्दू जनजागृति समिति

हिंदू जनजागृति समिति ने कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सीईटी परीक्षा के दौरान हिंदू छात्रों से जबरन जनेऊ और महिलाओं से मंगलसूत्र हटवाने के विरोध में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।


27 अप्रैल

कर्नाटक की परिक्षाओं में प्रवेश के लिए छात्रों को जनेऊ तो छात्राओं को आभूषण हटाने के लिए कहा

‘सीईटी’ परीक्षा में छात्राओं की नथ हटाना संभव न होने पर उनकी नाक पर पट्टियां चिपकाई गईं

कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण की ओर से छात्रों , छात्राओं का मानसिक उत्पीडन

चिक्कमंगुलुरू (कर्नाकट) – कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण की ओर से (के.ई.ए.) ली जानेवाली वर्ष २०२६ की सामायिक प्रवेश परीक्षा आज से पूरे राज्य में आरंभ हुई है । परीक्षा के समय परिक्षार्थियों को धातु से बने आभूषण धारण करने पर प्रतिबंध होने के कारण कुछ परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने से पूर्व सैकडों छात्राओं को रोककर उनकी नथ एवं अन्य आभूषण हटाने के लिए कहे जाने की घटनाएं हुईं । चिक्कमंगुलुरू के ‘एम्.ई.एस्.’ महाविद्यालय में छात्राओं की नथ हटाना संभव न होने से परीक्षा केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों ने कुछ छात्रओं की नाक पर पट्टियां चिपकाईं । इसके कारण अभिभावकों ने अप्रसन्नता व्यक्त की । परीक्षा का तनाव तथा परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं को इस विचित्र प्रसंग का सामना करना पडा, जिससे छात्राओं में कुछ समय तक भ्रम का वातावरण रहा ।

बल्लारी जिले में १० परीक्षा केंद्रों में ‘सीईटी’ परीक्षाएं चल रही हैं । परीक्षा से पूर्व केंद्र के कर्मचारियों ने छात्राओं को कानों में धारण किए हुए तथा अन्य आभूषण निकालने के लिए कहा । इसके अतिरिक्त गले में तथा हाथ में बंधे धागे भी हटाने पर बाध्य किया ।

‘सीईटी’ परीक्षा में छात्रों को ‘जनेऊ’ हटाने के लिए कहे जाने से विवाद

यहाँ के नागार्जुन महाविद्यालय में हाल ही में आयोजित ‘सामान्य प्रवेश परीक्षा’ अर्थात ‘सीईटी’ (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) के दौरान एक अत्यंत आक्रोशजनक घटना सामने आई, जिसमें छात्रों को उनका जनेऊ और छात्राओं को नाक की चमकी हटाने के लिए मजबूर किया गया।

इस संबंध में अब सुप्रिथ के.आर. नामक एक छात्र ने अपने साथ हुई घटना बताई। उसने कहा कि 23 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर वह परीक्षा केंद्र पर पहुँचा। अंदर जाने से पहले वहाँ के कर्मचारियों ने उसकी जाँच की, तब उन्हें पता चला कि उसने जनेऊ पहना हुआ है। उसने स्वयं जनेऊ उतारने की तैयारी दिखाई, फिर भी कर्मचारियों ने उसे स्वयं ही कैंची से काटकर कूड़ेदान में फेंक दिया।

इस घटना से उसे गहरा मानसिक आघात पहुँचा। मात्र 8 दिन पहले ही उसका उपनयन संस्कार (मुंज) हुआ था। परीक्षा समाप्त होने के बाद उसने स्वयं कूड़ेदान में से अपना जनेऊ ढूँढ़कर निकाला और घर ले गया।

इससे छात्रों के अभिभावकों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने के कारण विरोध करते हुए पुलिस थाने में शिकायत प्रविष्ट की ।

इस घटना के उपरांत शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा ‘सीईटी’के अधिकारी परीक्षा केंद्र पहुंचे । उन्होंने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया, तथापि ‘कृपानिधि महाविद्यालय में ऐसी अनेक घटनाएं हुई हैं’, यह आरोप लगाते हुए छात्रों के अभिभावकों ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की ।

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