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पूर्व मुख्य न्यायाधीश हिंदू संतों के पास गए, इसलिए श्याम मानव को पेट में दर्द – अभय वर्तक, प्रवक्ता, सनातन संस्था

मुंबई – पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री महाराज के दर्शन के लिए जाने पर, ‘पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई को अब डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का नाम नहीं लेना चाहिए’, ऐसा बयान श्याम मानव दे रहे हैं। यदि मुख्य न्यायाधीश किसी चर्च या दरगाह में प्रार्थना करने गए होते, तो क्या श्याम मानव ऐसा ही बयान देते? यह दर्द केवल इसलिए है क्योंकि पूर्व मुख्य न्यायाधीश हिंदू संतों के पास गए, ऐसे शब्दों में सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने श्याम मानव के हिंदू-विरोधी दृष्टिकोण को उजागर किया। इस संबंध में उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है।

अभय वर्तक ने आगे कहा,

“श्याम मानव का अंधश्रद्धा निर्मूलन से कोई संबंध नहीं है। उनका इतिहास केवल हिंदू धर्म पर आघात करने का रहा है। इससे पहले भी उन्होंने संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘कुलकर्णी का 12 साल का लड़का’ कहा था।

वर्तमान में मुंबई में कुछ तथाकथित ‘बंगाली बाबाओं’ के पोस्टर लगे होते हैं, जिनमें लिखा होता है कि ‘मैं वशीकरण कर सकता हूं’, ‘मैं काला जादू कर सकता हूं’; लेकिन श्याम मानव वहां 80 लाख रुपये की चुनौती नहीं देते, क्योंकि वे मुसलमान होते हैं।

ठाणे और रायगढ़ के दुर्गम क्षेत्रों में कई पादरी (ईसाई धर्मप्रचारक) धर्म प्रचार के लिए सभाएं करते हैं, जहां ‘लंगड़ा चलने लगेगा’, ‘अंधा देखने लगेगा’, ‘गूंगा बोलने लगेगा’ जैसे दावे किए जाते हैं; लेकिन इस पर भी श्याम मानव कुछ नहीं कहते।

आपको केवल हिंदुओं के विरोध में ही काम करना है, इसलिए हर हिंदू संत आपको ढोंगी लगता है। श्याम मानव हिंदू विरोधी हैं। दुर्भाग्य से वे महाराष्ट्र सरकार की एक समिति में भी शामिल हैं। क्या वे वहां सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से निवेदन है कि, श्याम मानव की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।

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