
मुंबई – पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री महाराज के दर्शन के लिए जाने पर, ‘पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई को अब डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का नाम नहीं लेना चाहिए’, ऐसा बयान श्याम मानव दे रहे हैं। यदि मुख्य न्यायाधीश किसी चर्च या दरगाह में प्रार्थना करने गए होते, तो क्या श्याम मानव ऐसा ही बयान देते? यह दर्द केवल इसलिए है क्योंकि पूर्व मुख्य न्यायाधीश हिंदू संतों के पास गए, ऐसे शब्दों में सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने श्याम मानव के हिंदू-विरोधी दृष्टिकोण को उजागर किया। इस संबंध में उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है।
#शाम_मानव यांनी गेल्या दोन दिवसांपासून परमपूज्य #धीरेंद्र_शास्त्री (@bageshwardham) यांच्यावर सतत एकेरी व चुकीचे आरोप करत आहेत. माननीय गवई साहेब आपल्या कुटुंबासह #बागेश्वर_धाम येथे दर्शनासाठी गेले, यावर त्यांनी प्रतिक्रिया देत असे वक्तव्य केले की “यापुढे गवई साहेबांनी… pic.twitter.com/sZYcjnplAa
— Sanatan Sanstha (@SanatanSanstha) April 26, 2026
अभय वर्तक ने आगे कहा,
“श्याम मानव का अंधश्रद्धा निर्मूलन से कोई संबंध नहीं है। उनका इतिहास केवल हिंदू धर्म पर आघात करने का रहा है। इससे पहले भी उन्होंने संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘कुलकर्णी का 12 साल का लड़का’ कहा था।
वर्तमान में मुंबई में कुछ तथाकथित ‘बंगाली बाबाओं’ के पोस्टर लगे होते हैं, जिनमें लिखा होता है कि ‘मैं वशीकरण कर सकता हूं’, ‘मैं काला जादू कर सकता हूं’; लेकिन श्याम मानव वहां 80 लाख रुपये की चुनौती नहीं देते, क्योंकि वे मुसलमान होते हैं।
ठाणे और रायगढ़ के दुर्गम क्षेत्रों में कई पादरी (ईसाई धर्मप्रचारक) धर्म प्रचार के लिए सभाएं करते हैं, जहां ‘लंगड़ा चलने लगेगा’, ‘अंधा देखने लगेगा’, ‘गूंगा बोलने लगेगा’ जैसे दावे किए जाते हैं; लेकिन इस पर भी श्याम मानव कुछ नहीं कहते।
आपको केवल हिंदुओं के विरोध में ही काम करना है, इसलिए हर हिंदू संत आपको ढोंगी लगता है। श्याम मानव हिंदू विरोधी हैं। दुर्भाग्य से वे महाराष्ट्र सरकार की एक समिति में भी शामिल हैं। क्या वे वहां सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से निवेदन है कि, श्याम मानव की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।








