Menu Close

फ्रांसिस जेवियर टिप्पणी मामला : गोवा के न्यायालय ने गौतम खट्टर को दी जमानत

वास्को स्थित कोर्ट ने 2 मई 2026 को गौतम खट्टर को सशर्त जमानत दे दी। उन्हें फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में वास्को में एक कार्यक्रम के दौरान गिरफ्तार किया गया था।

अदालत ने हरिद्वार निवासी खट्टर को ₹30,000 के दो निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्हें देश छोड़कर न जाने और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को दोहराने से बचने के निर्देश दिए गए हैं, ऐसा उनके वकील ने बताया।

रिहाई के बाद खट्टर ने कहा कि वह उन सनातनियों के ऋणी हैं जिन्होंने उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, “मैं उन सनातनियों का ऋणी हूं जिन्होंने मेरा समर्थन किया और मेरे साथ खड़े रहे। मैं पीछे नहीं हटूंगा। मैं उनके लिए अपना जीवन देने को भी तैयार हूं।”


29 अप्रैल

सेंट जेवियर के कथित अपमान प्रकरण में माधव खट्टर को गोवा कोर्ट से मिली जमानत

पणजी (गोवा) – सेंट जेवियर के कथित अपमान के प्रकरण में, पुलिस ने इस बयान को स्वीकार कर लिया है कि प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ गौतम खट्टर ने अपना भाषण स्वयं लिखा था । इसके परिणामस्वरूप, न्यायालय ने गौतम के छोटे भाई, १८ वर्षीय माधव खट्टर की जमानत स्वीकार कर ली है । पुलिस ने माधव खट्टर पर यह आरोप लगाते हुए उन्हें बंदी बनाया था कि गौतम खट्टर का भाषण उन्होंने लिखा था ।


27 अप्रैल

हिंदूवादी कार्यकर्ता गौतम खट्टर के समर्थन में उतरे देश के अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता, वकील एवं संगठन

संपादकीय टिप्पणी
देश में अनेक क्षेत्रों से गौतम खट्टर को समर्थन भी मिल रहा है। क्योंकि उन्होंने जो बातें अपने भाषण में कही है उसे इतिहास का प्रमाण है। अनेक लेखकों ने फ्रांसिस जेवियर के विषय में उनका धर्मांतरण का चेहरा एवं हिन्दुओं पर किए गए अत्याचारों को उजागर किया है।
— संपादक, हिंदू जनजागृति समिति

शनिवार (18 अप्रैल 2026) को दक्षिण गोवा के वास्को में भगवान परशुराम जयंती के एक कार्यक्रम के दौरान हिंदुत्वनिष्ठ गौतम खट्टर ने 16वीं सदी के जेसुइट मिशनरी फ्रांसिस जेवियर को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और कई जगहों पर शिकायतें दर्ज कराई गईं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में बोलते हुए गौतम खट्टर ने फ्रांसिस जेवियर को आतंकी, क्रूर और बर्बर शासक बताया और उन पर जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप लगाए।

इस मामले में गोवा पुलिस ने सभी शिकायतों को वास्को थाने में ट्रांसफर कर गौतम खट्टर के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। उन्हें पकडने जब पुलिस उनके घर गई तो वहां गौतम न होने के कारण उन्होंने उनके भाई माधव खट्टर को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर भाषण तैयार करने और उसे फैलाने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। अब कल पुलिस ने  उत्तराखंड से गौतम खट्टर को बंदी बनाकर गोवा लाया गया।

देश में अनेक क्षेत्रों से गौतम खट्टर को समर्थन भी मिल रहा है। क्योंकि उन्होंने जो बातें अपने भाषण में कही है उसे इतिहास का प्रमाण है। अनेक लेखकों ने फ्रांसिस जेवियर के विषय में उनका धर्मांतरण का चेहरा एवं उनके द्वारा हिन्दुओं पर किए गए अत्याचारों को उजागर किया है।

इसी बीच सर्वोच्च न्यायालाय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने उनके समर्थन में ट्‌विट किया है।

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि, गौतम खट्टर और उनके छोटे भाई माधव खट्टर को गोवा पुलिस ने कथित हेट स्पीच मामले में गिरफ्तार किया है, जिसमें पुलिस ने असामान्य तेजी और आक्रामकता दिखाई है। कई हिंदुओं का मानना है कि वे अपराधी नहीं हैं, बल्कि उन्होंने वही कहा है जिसे वे सत्य मानते हैं। गोवा का इनक्विज़िशन इतिहास का एक काला अध्याय रहा है, जिस पर आज भी चर्चा होनी चाहिए।

इस मुद्दे पर सभी को अपनी आवाज उठानी चाहिए। हम ऐसे एकतरफा और मनमाने कदमों को स्वीकार नहीं कर सकते।
 
 जेवियर की नीजि फौज या गोवा पुलिस ? – सुरेश चव्हाणके

इस बीच सुदर्शन चैनल के सुरेश चव्हाणके ने भी गौतम तथा उनके छोटे भाई की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी का विरोध किया है। साथ ही, मुख्यमंत्री से मांग की है कि, उनपर लगाए आरोपों को हटाएं। 

“फ्रांसिस जेवियर का वास्तविक इतिहास दुनिया के सामने लाने से हमें कोई नहीं रोक सकता!” : हिंदू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता संजीव पुनालेकर

  • खट्टर बंधुओं की गिरफ्तारी के विरोध में महाराष्ट्र के हिंदुत्वनिष्ठों का प्रदर्शन
  • ‘गोवा हिंदू रक्षा मंच’ द्वारा कार्यक्रम का आयोजन
बाएँ से श्री समीर कुलकर्णी, श्री रणजीत सावरकर और अधिवक्ता संजीव पुनालेकर

आप फ्रांसिस जेवियर को भले ही संत मानते हों, हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है; लेकिन इससे सत्य को छिपाया नहीं जा सकता। यदि आपका इतिहास शर्मनाक है, तो उसकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए। फ्रांसिस जेवियर के अत्याचारों का वास्तविक इतिहास दुनिया के सामने लाने से हमें कोई नहीं रोक सकता। इसके लिए हम गोवा में वैधानिक आंदोलन भी करेंगे, ऐसा स्पष्ट मत हिंदू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता संजीव पुनालेकर ने व्यक्त किया।

वे गोवा में खट्टर बंधुओं की गिरफ्तारी के विरोध में 26 अप्रैल को स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर मंच पर स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक के कार्याध्यक्ष श्री रणजीत सावरकर तथा प्रखर हिंदुत्वनिष्ठ श्री समीर कुलकर्णी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम ‘गोवा हिंदू रक्षा मंच’ के माध्यम से आयोजित किया गया था।

अधिवक्ता संजीव पुनालेकर ने आगे कहा, “गोवा के ‘हात कातरो’ स्तंभ पर हजारों हिंदुओं के हाथ काटे जाने की घटनाएं हों या सारस्वत ब्राह्मणों पर किए गए अत्याचार, फ्रांसिस जेवियर से संबंधित इन घटनाओं को दबाने के लिए खट्टर बंधुओं को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांसिस जेवियर का वास्तविक इतिहास जनता के सामने न आए, इसके लिए यह दबाव की नीति अपनाई जा रही है। फ्रांसिस जेवियर के अत्याचारों से संबंधित पत्र भारत और पुर्तगाल सरकार के पास उपलब्ध हैं। जर्मनी ने हिटलर के अत्याचारों के लिए माफी मांगी, तो फिर फ्रांसिस जेवियर के इतिहास को सामने क्यों न लाया जाए?”

गोवा सरकार फ्रांसिस जेवियर से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करे!

हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले फ्रांसिस जेवियर को भले ही कुछ लोग स्वीकार करते हों; लेकिन गोवा की मुक्ति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पीटर अल्वारेस को नजरअंदाज किया जाता है। इस देश में यदि मनुस्मृति जलाई जा सकती है, तो फ्रांसिस जेवियर के अत्याचारों पर चर्चा करने का अधिकार भी हमें है। गोवा सरकार को चाहिए कि वह विशेषज्ञों की एक समिति बनाकर 1–2 महीने के भीतर फ्रांसिस जेवियर के कृत्यों से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करे और नागरिकों को इस विषय पर अपनी राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता दे — ऐसा आह्वान अधिवक्ता संजीव पुनालेकर ने किया।

गोवा सरकार पर दबाव डालकर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है!

ज़ाकिर नाइक द्वारा श्री गणेश के बारे में आपत्तिजनक बयान देने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई। एम.एफ. हुसैन ने हिंदू देवी-देवताओं के नग्न चित्र बनाए, महाराष्ट्र में माता सरस्वती के बारे में अपमानजनक वक्तव्य दिए गए, पुरुषोत्तम खेडेकर द्वारा ब्राह्मण महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई — ऐसे कई मामलों में हिंदुओं का अपमान करने वालों को सज़ा नहीं मिलती।

जब हिंदुत्वनिष्ठ सरकार वाले राज्यों में भी ऐसे घटनाक्रम सामने आते हैं, तो यह अत्यंत खेदजनक है। आरोप है कि कुछ समूहों ने गोवा सरकार पर दबाव बनाकर हिंदुओं के विरुद्ध कार्रवाई करवाई।

अन्य धर्मों के लिए अलग और हिंदुओं के लिए अलग न्याय क्यों?, यह प्रश्न अधिवक्ता संजीव पुनालेकर ने उठाया। 

गौतम खट्टर जी और उनके भाई की मनमानी गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन! – अधिवक्ता अमिता सचदेवा

विश्लेषक आनंद रंगनाथन ने भी ट्विट कर किया समर्थन

Read more on Pro Hindu

Latest News