
फोंडा – विभिन्न संप्रदायों के संतों के संयुक्त प्रयासों से देशभर में धर्मजागृति का व्यापक वातावरण बन रहा है और गांव-गांव से “घरवापसी” (धर्मांतरित व्यक्तियों का पुनः हिंदू धर्म में लौटना) की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है, ऐसा वक्तव्य अधिवक्ता आलोक कुमार ने दिया।
वे गोवा के कुंडई स्थित श्री दत्त पद्मनाभ पीठ में आयोजित पत्रकार परिषद में बोल रहे थे। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के गोवा विभाग मंत्री श्री मोहन आमशेकर, धर्माचार्य संपर्क प्रमुख श्री परशुराम दुबे तथा गोवा मंदिर-अर्चक संपर्क प्रमुख श्री श्याम नाईक उपस्थित थे।
प्रेस वक्तव्य:
संतों के प्रयासों से गांव-मोहल्लों में घरवापसी की प्रक्रिया तेज: आलोक कुमार
गोवा, ९ अप्रैल २०२६ – विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री आलोक कुमार जी ने कहा कि परिषद तथा विभिन्न संप्रदायों के संतों के संयुक्त प्रयासों से देशभर में धर्मजागरण का… pic.twitter.com/06WhgzmK39— Vishva Hindu Parishad -VHP (@VHPDigital) April 9, 2026
आलोक कुमार ने आगे कहा कि, हाल ही में मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और गोवा में आयोजित 5 दिवसीय “संत संवाद यात्रा” के दौरान यह स्पष्ट अनुभव हुआ कि संत समाज अब समाजजागरण के कार्य में सक्रिय रूप से आगे आ रहा है। देशभर में संत दर्शन और संत संवाद के कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से समाज में धर्मांतरण जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ेगी और लोगों को अपने मूल संस्कारों की ओर लौटने की प्रेरणा मिलेगी।
धर्मांतरण के विरोध में प्रयास
उन्होंने कहा कि, जो लोग पुनः लौटना चाहते हैं, उन्हें धार्मिक संस्कारों और शुद्धिकरण प्रक्रिया के माध्यम से सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाएगा। देशभर के संत इस कार्य में आगे आ रहे हैं और उनके सहयोग से यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।
संत संवाद जैसे उपक्रमों के कारण यह कार्य और अधिक व्यापक होगा। धर्मजागृति के बढ़ते प्रभाव से समाज में अपने मूल संस्कारों के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है और आने वाले समय में “घरवापसी” के प्रयासों को और गति मिलेगी।








