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हडपसर (पुणे) में हुई हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा में 11 हजार हिंदुओं ने धर्मरक्षा के लिए भरी हुंकार

सभा में उमड़ा उत्साह, ‘जय श्रीराम’ के जयघोष !

महिलाओं और युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति

हडपसर (पुणे) – उत्साह से भरा वातावरण, महिलाओं और युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति तथा ‘जय श्रीराम’ के जयघोष के बीच 5 अप्रैल को अत्यंत विशेष बनी हडपसर (पुणे) की हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा में उपस्थित 11 हजार हिंदुओं ने धर्मबंधुत्व बनाए रखते हुए धर्मकार्य करने का संकल्प लिया। धर्मप्रेमियों का उत्साह इतना अधिक था कि कालेपडळ स्थित स्व. मारुतराव काले विद्यालय का मैदान सभा शुरू होने से पहले ही भर गया था। हिंदुओं की इस विशाल उपस्थिति ने यह प्रमाणित किया कि हिंदू जनजागृति समिति का कार्य समाज के तळागाळ तक पहुंच चुका है। सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये ने हिंदुओं से महाभारत के ‘अर्जुन’ की तरह धर्मरक्षा हेतु सक्रिय होने का आवाहन किया, जबकि हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य के संगठक श्री सुनील घनवट ने हिंदुत्व पर हो रहे आघातों के विरुद्ध वैध मार्ग से आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। विधायक टी. राजा सिंह के तेजस्वी और धर्मविरोधियों पर प्रहार करने वाले ओजस्वी मार्गदर्शन से हिंदुओं को क्रियात्मक स्तर पर दिशा मिली।

वक्ताओं द्वारा हिंदू धर्म और हिंदू समाज पर हो रहे आघातों के विरुद्ध जागृत होने के आवाहन पर उपस्थितों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद

श्रद्धास्थलों में धर्मांधों को रोकने के लिए आंदोलन

पुणे के मंदिरों तथा सारसबाग जैसे स्थानों पर धर्मांधों की घुसपैठ और अनेक स्थानों पर उनका बढ़ता उद्दंड व्यवहार सामने आ रहा है। इन बढ़ती गतिविधियों को रोकने तथा हिंदुओं के श्रद्धास्थलों पर उनकी आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए आगामी 15 दिनों में भव्य आंदोलन करने की घोषणा सभा में समिति की ओर से की गई।

हिंदुओं में धर्मरक्षा की चेतना जागृत करने वाली हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा !

हिंदुओं के श्रद्धास्थलों और मंदिरों को अपवित्र करने वाले धर्मांधों को रोकना आवश्यक ! – सुनील घनवट, हिंदू जनजागृति समिति

पुणे शहर के पुरंदर क्षेत्र में ‘लैंड जिहाद’ बड़े पैमाने पर बढ़ रहा है। शहर और जिले में अनेक मंदिरों में मूर्तियों की विटंबना की घटनाएं हो रही हैं और इन घटनाओं को दबाने के लिए पुलिस धर्मांध आरोपियों को ‘माथेफिरू’ (पागल) बताकर मामले को दबा रही है। हर घटना में आरोपी पागल कैसे हो सकता है ? मंदिरों से संबंधित बार-बार हो रही इन घटनाओं के पीछे के मुख्य सूत्रधारों को खोजकर पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए। अनेक मामलों में पुलिस गो-रक्षा के लिए प्रयास करने वाले गोरक्षकों पर ही झूठे मामले दर्ज कर रही है और कसाइयों को खुला छोड़ रही है। इस प्रकार की अनेक शिकायतें सामने आई हैं; भविष्य में ऐसे प्रकार नहीं होने चाहिए।

पुणे के मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर धर्मांधों की घुसपैठ और उद्दंडता बढ़ रही है। इन गतिविधियों को रोकने और हिंदुओं के श्रद्धास्थलों की सुरक्षा के लिए व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रत्येक शहर और गांव में बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करना आवश्यक है और इस अभियान को गति देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर उन्हें बाहर निकालने का प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।

‘वानवडी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को कोने में स्थापित किया गया है। प्रशासन को उसे मुख्य चौक में स्थापित करना चाहिए’, ऐसा आवाहन श्री सुनील घनवट ने अपने भाषण में किया।

पुण्यभूमि की पहचान मिटाने का षड्यंत्र हिंदुओं को विफल करना होगा ! – विधायक टी. राजा सिंह

हडपसर जैसे क्षेत्रों में गोहत्या करने वाले धर्मांध पुलिस के सामने ही गोरक्षकों की पिटाई कर रहे हैं और धर्मांध छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पत्थर फेंक रहे हैं। यदि स्थिति ऐसी ही रही तो हिंदू बच्चों का भविष्य गंभीर संकट में पड़ सकता है। छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणस्पर्श से पवित्र हुई पुण्यभूमि की पहचान मिटाने के षड्यंत्र को हिंदुओं को सजग रहकर विफल करना होगा। हिंदुओं में सुप्त पड़ी लड़ाकू वृत्ति को अब जागृत करना ही होगा।

आगे के समय में हिंदुओं को जातियों में विभाजित रहने के बजाय “मैं हिंदू हूं” इस भावना से एकत्रित होना चाहिए। जिनकी विचारधारा ‘गजवा-ए-हिंद’ (भारत का इस्लामीकरण) की है, उन्हें हिंदुओं को आर्थिक सहयोग क्यों देना चाहिए ? इसलिए धर्मांध जिहादी तत्वों से कोई खरीदारी न करने का आवाहन किया गया। यदि उनकी आर्थिक सहायता बंद हो जाए तो ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ और धर्मांतरण जैसी गतिविधियां स्वतः समाप्त हो जाएंगी। हिंदुओं के करों का पैसा ‘माइनॉरिटी फंड’ के नाम पर अल्पसंख्यकों पर खर्च किया जा रहा है। यह निधि तुरंत बंद कर इसे किलों और ऐतिहासिक दुर्गों के संरक्षण में लगाया जाना चाहिए, ऐसी मांग भी की गई।

भारत का एक सैनिक पाकिस्तान जैसे शत्रु राष्ट्र में जाकर दुश्मनों का विनाश कर सकता है, यह ‘धुरंधर’ फिल्म ने दिखाया है। आने वाला समय संघर्ष का है। इसलिए हिंदुओं को शास्त्र ज्ञान के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेना आवश्यक है, ऐसा आवाहन विधायक टी. राजा सिंह ने किया।

महिलाओं और युवतियों से आवाहन“तू काली बन, तू दुर्गा बन, लेकिन कभी भी बुरखा वाली न बन !” – विधायक टी. राजा सिंह

‘हिंदू राष्ट्र’ भारत का मूल स्वभाव ! – सद्गुरु स्वाती खाडये, सनातन संस्था

‘हिंदुत्व के कारण देश पिछड़ जाएगा’, ऐसा दुष्प्रचार किया जाता है; जबकि ‘हिंदू राष्ट्र’ की संकल्पना भारत का मूल स्वभाव है। लगभग दो दशक पहले जिहादी आतंकवाद को छिपाने के लिए ‘हिंदू आतंकवाद’ और ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों को दबाने के लिए एक ‘टूलकिट’ के रूप में किया गया। मालेगांव बम विस्फोट, मडगांव विस्फोट, दाभोलकर-पानसरे-कल्बुर्गी-गौरी लंकेश हत्या प्रकरणों में हिंदुत्वनिष्ठों को फंसाया गया और उनका उत्पीड़न किया गया। इसी प्रकार सनातन संस्था के साधक समीर गायकवाड को कॉ. गोविंद पानसरे प्रकरण में अन्यायपूर्वक गिरफ्तार किया गया। एक सामान्य किसान परिवार से आने वाले समीर को जांच एजेंसियों द्वारा प्रताड़ित किया गया और तथाकथित बुद्धिजीवियों द्वारा बदनाम किया गया, जिससे उनका जीवन नष्ट हो गया। इसलिए समीर का निधन व्यवस्थागत हत्या के समान है। ऐसे षड्यंत्रों का हिंदुओं को विरोध करना चाहिए।

सभा में उपस्थित संत एवं धर्माधिकारी

‘जय शंकर प्रतिष्ठान’ के पू. पप्पाजी पुराणिक, सनातन संस्था की पू. (सौ.) मनीषा पाठक एवं पू. (सौ.) अंजली करंबेळकर, आदरणीय सौ. सरस्वती अमृतकरताई, ‘वेद वासुदेव प्रतिष्ठान’ के अध्यक्ष श्री अजित तुकदेव।

सभा में उपस्थित मान्यवर

पूर्व धर्मादाय आयुक्त श्री दिलीप देशमुख, ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मृति प्रतिष्ठान’ के महामंत्री श्री विद्याधर नारगोलकर, ‘हिंदू एकता आंदोलन’ के पश्चिम महाराष्ट्र अध्यक्ष श्री संतोष जगताप, भाजपा पुणे कैंटोन्मेंट के सरचिटणीस श्री समीर शेंडकर, भाजपा के चार नगरसेवक श्री मारुति (आबा) तुपे, श्री राजेंद्र काशिनाथ भिंताडे, सौ. उज्ज्वला जंगले, सौ. प्राची अल्हाट, भाजपा के पुणे सरचिटणीस श्री बालासाहेब घुले, राष्ट्रवादी कांग्रेस के नगरसेवक निवृत्ती अण्णा बांदल, शिवसेना के तीन नगरसेवक श्री गणेश कामठे, सौ. शारदा भैरु भाडळे (माई), सौ. मोनिका पवार, उद्धव बाळासाहेब ठाकरे गुट के नगरसेवक श्री नितीन गावडे, ‘प्रतापगढ़ उत्सव समिति’ के श्री विनायक सणस, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष सौ. कल्पना धनंजय हांडे, उद्योगपति श्री कृष्णानंद नाईक, मांजरी के पूर्व सरपंच श्री शिवराज घुले, हिंदुत्वनिष्ठ श्री रवींद्र घुले, ह.भ.प. तुषार महाराज चौधरी तथा महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के पुणे जिला समन्वयक ह.भ.प. दत्तात्रय चौरघे महाराज।

उपस्थित संप्रदाय, संगठन और दल

स्वामी समर्थ संप्रदाय, वारकरी संप्रदाय, श्री संप्रदाय, श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भाजपा, शिवसेना, उद्धव बाळासाहेब ठाकरे गुट सहित आसपास के अनेक स्थानीय संगठन, संप्रदाय और गणेशोत्सव मंडल भी उपस्थित थे।

सभा के आयोजन पर मान्यवरों की प्रतिक्रिया

१. श्री अजितदादा तुकदेव, अध्यक्ष, वेद वासुदेव प्रतिष्ठान, पुणे : हिंदू राष्ट्र निर्माण के कार्य में मशाल की तरह तेजस्वी रूप से कार्य करने वाली सनातन संस्था और हिंदू जनजागृति समिति सनातन धर्म के कार्य की जिम्मेदारी उठाते हुए इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए अनेक समर्थ कार्यकर्ता तैयार कर रही हैं। इसके लिए उनका निरंतर प्रयास, अपने ध्येय को जनमानस में स्थापित करने की विलक्षण क्षमता ही इन संस्थाओं की विशेषता है। आपके कार्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ !

२. श्री समीर शेंडकर, नेता, भाजपा, पुणे : हिंदू धर्म हमारा प्राण है। हिंदू धर्म को जागृत करना भगवान की इच्छा है। यह कार्य हम सभी मिलकर कर रहे हैं, जो हिंदू एकता का प्रतीक है। इसी प्रकार कार्य चलता रहे और हिंदू राष्ट्र का निर्माण हो, यही कामना है !

३. श्री दीपक सोनी, अधिकारी, आयकर विभाग, पुणे : सनातन धर्म के कार्य के लिए समिति का योगदान अद्वितीय है। समाज के पुनरुत्थान के लिए हम सभी का योगदान देना अनिवार्य है !

४. श्री मारुतिआबा तुपे, नगरसेवक, भाजपा : यह संगठन हिंदुओं की एकता का कार्य कर रहा है। ‘आपने अपने प्रभाग के सभी हिंदू बंधुओं को एकत्र किया है’, इसका मुझे गर्व है।

५. सौ. मोनिका नीलेश पवार, नगरसेविका, शिवसेना : हिंदू जनजागृति समिति के व्यापक प्रबोधन और लड़कियों को धर्मशिक्षा मिलने से जो लड़कियाँ ‘लव जिहाद’ का शिकार हो सकती थीं, उन्हें अब सही-गलत का ज्ञान होने लगा है। साथ ही अन्य प्रकार के ‘जिहाद’ के विषय में भी समिति के माध्यम से हिंदुओं तक जानकारी पहुँच रही है।

६. श्री राजेंद्र भिताडे, नगरसेवक, भाजपा : हडपसर क्षेत्र में मुसलमानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हिंदुओं को अपनी संपत्ति (भूमि) अन्य धर्मियों को नहीं बेचनी चाहिए। प्रत्येक सोसायटी में मंदिर बनाए जाएँ तथा अधिक से अधिक व्यवहार हिंदू व्यापारियों के साथ किए जाएँ।

७. ह.भ.प. तुषार महाराज चौधरी, कीर्तनकार, अखिल भारतीय वारकरी समिति, तालुका युवा समिति प्रमुख : सभी हिंदुओं का एकत्रित होना अत्यंत आवश्यक है। आज इस राष्ट्र-जागृति सभा के माध्यम से सभी हिंदू एकत्र आए, जिसमें माताओं और बहनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी के मन में सभा और धर्म के प्रति प्रेम दिखाई दिया। जगद्गुरु तुकाराम महाराज ने कहा है, “एक दूसरे की सहायता करें और सभी मिलकर सुपथ पर चलें”, उसी प्रकार रामराज्य की स्थापना के लिए सभी को संगठित होना चाहिए।

८. ह.भ.प. दत्तात्रय चोरघे महाराज, पुणे जिला समन्वयक, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ : सद्गुरु स्वाती खाडये तथा श्री सुनील घनवट ने अपनी प्रभावशाली वाणी से सभी को प्रभावित किया। विधायक टी. राजा सिंह ने सिंह के समान गर्जना की। इस सभा के माध्यम से वास्तविक अर्थ में हिंदू राष्ट्र जागृति दिखाई दे रही थी।

९. श्री गणेश बालासाहेब कामठे, नगरसेवक, शिवसेना : सभा का आयोजन अत्यंत सूक्ष्म नियोजन के साथ किया गया था, जिससे कहीं भी यातायात में बाधा नहीं आई। सड़क पर भी सभा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। सभा में युवाओं की बड़ी भागीदारी थी। इतनी बड़ी उपस्थिति देखकर लगा कि हिंदू समाज कहीं न कहीं जागृत हो रहा है। यह देखकर प्रसन्नता हुई !

१०. सौ. शारदा भैरू भाडळे (माई), नगरसेविका, शिवसेना : जिन छत्रपति शिवाजी महाराज के कारण हम आज स्वाभिमान के साथ जीवन जी पा रहे हैं, उनके कार्य के बारे में इस सभा में वक्ताओं ने अत्यंत प्रभावी ढंग से अपने विचार व्यक्त किए। इस सभा पर मुझे अत्यंत गर्व हुआ !

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