Menu Close

केडगाव (पुणे) : गुरव समाज सम्मेलन में मंदिर महासंघ ने किया पुजारियों के संगठन का आवाहन

मंदिरों का संगठन और पुजारियों की एकता समय की आवश्यकता ! – सुनील घनवट, राष्ट्रीय संयोजक, मंदिर महासंघ

सुनील घनवट इनका गुरव समाज की ओर से सम्मान

केडगांव (पुणे) – मंदिरों में पूजा करते समय आने वाली समस्याओं तथा पुजारियों की विभिन्न कठिनाइयों के समाधान के लिए केवल एक समाज तक सीमित न रहकर सभी समाजों के पुजारियों का संगठित होना आवश्यक है। यदि पुजारियों और मंदिर ट्रस्टियों के बीच समन्वय नहीं होगा, तो मंदिरों के सरकारीकरण का खतरा बढ सकता है। जिस प्रकार कुछ राज्यों में मुल्ला-मौलवियों को वेतन और अनुदान दिया जाता है, उसी प्रकार महाराष्ट्र सरकार को राज्य के पुजारियों को भी अनुदान देना चाहिए, ऐसा वक्तव्य मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक श्री सुनील घनवट ने किया। वे केडगांव स्थित बोरमलनाथ देवस्थान में आयोजित गुरव समाज सम्मेलन में मार्गदर्शन कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यभर से 150 से अधिक मंदिरों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उपस्थित मंदिरों के प्रतिनिधि

श्री सुनील घनवट ने आगे कहा कि, वक्फ बोर्ड के अधीन गई भूमि को मुक्त कराना, यह हम सभी की सामूहिक मांग होनी चाहिए। वर्तमान समय में मंदिरों और पुजारियों का संगठन अत्यंत आवश्यक है। पुजारियों और मंदिर प्रबंधन को एकजुट होकर मंदिरों की रक्षा के लिए तैयार होना चाहिए।

इस सम्मेलन में भीमाशंकर देवस्थान के अधिवक्ता श्री सुरेश चौधरी तथा बोरमलनाथ देवस्थान के अध्यक्ष श्री कैलास आबा सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे। महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से आए गुरव समाज के प्रतिनिधियों ने मंदिर संरक्षण और संगठन का संकल्प व्यक्त किया।

Read more on Mandir Mahasangh

Latest News