निर्णय वापस न लेने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी !
हिंदू जनजागृति समिति का मुख्यमंत्री को निवेदन
1. सातारा

‘डॉ. जाकिर हुसैन मदरसा आधुनिकीकरण योजना’ के अंतर्गत 21 जिलों के 308 मदरसों को 50 लाख रुपये का अनुदान देने का निर्णय महाराष्ट्र सरकार ने लिया है। इस निर्णय को रद्द करने की मांग को लेकर यहां हिंदू जनजागृति समिति और विभिन्न हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से सातारा के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी नागेश पाटिल ने ज्ञापन स्वीकार किया।
इस अवसर पर महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के अमोल गोसावी, हिंदू महासभा के उमेश गांधी, ‘श्री पंचपाली हौद दुर्गा माता मंदिर ट्रस्ट’ के ट्रस्टी तथा महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के जिला अध्यक्ष शिवाजीराव तुपे, श्री योगेश्वर महादेव मंदिर के अजित सुपेकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्मजागरण प्रमुख सचिन वालकर, हेमंत सदावर्ते, हिंदू जनजागृति समिति की सौ. भक्ति डाफळे, हेमंत सोनावणे तथा रणरागिणी शाखा की सौ. सुलभा लोंढे आदि उपस्थित थे।
2. सिंधुदुर्ग

सिंधुदुर्ग – महाराष्ट्र राज्य के 308 मदरसों को ‘डॉ. जाकिर हुसैन मदरसा आधुनिकीकरण योजना’ के अंतर्गत प्रत्येक को 50 लाख रुपए का अनुदान देने के निर्णय पर हिंदू जनजागृति समिति ने तीव्र आपत्ति दर्ज की है। इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार कर इसे वापस लिया जाए, अन्यथा राज्यभर में लोकतांत्रिक मार्ग से तीव्र आंदोलन किया जाएगा, ऐसा निवेदन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को देने हेतु समिति के पदाधिकारियों ने यह निवेदन निवासी उपजिल्हाधिकारी मच्छिंद्र सुकटे को सौंपा।
निवेदन में कहा गया है कि शासन का निधि सभी धर्मों के लिए समान रूप से उपयोग किया जाना चाहिए। केवल एक विशेष धर्म की शैक्षणिक संस्थाओं को आर्थिक सहायता देना संविधान के समानता के सिद्धांत के विरुद्ध है। मदरसों को अनुदान दिया जा रहा है, तो हिंदुओं की वेदपाठशालाओं और वारकरी शिक्षण संस्थाओं को समान न्याय क्यों नहीं दिया जाता ? ऐसा प्रश्न उपस्थित होता है।
साथ ही, मदरसों में दिए जाने वाले निधि का उपयोग उचित तरीके से हो रहा है या नहीं, इस पर भी शंका व्यक्त की गई है। राज्य के सभी मदरसों का सर्वेक्षण कर उनके आर्थिक व्यवहारों की जांच की जाए। इसके अतिरिक्त मदरसों में दिए जाने वाले शिक्षण पर शासन का नियंत्रण हो तथा नियमित निरीक्षण किया जाए, ऐसी मांग भी निवेदन में की गई है।
3 अप्रैल
महाराष्ट्र सरकार द्वारा ३०८ मदरसों को ५० लाख रुपयों का अनुदान स्वीकृत
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छत्रपति संभाजीनगर में सर्वाधिक १०३ मदरसों को लाभ
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नागपुर एवं ठाणे जनपद भी सम्मिलित
भारत में अनेक स्थानों पर मदरसों में धर्मांधता की शिक्षा दी जाती है एवं वहां आतंकवादी गतिविधियों को प्रोत्साहन दिए जाने के अनेक उदाहरण सामने आए हैं । ऐसा होते हुए भी मदरसों की जांच करने के स्थान पर उन पर धन की वर्षा करना जनता को कैसे अच्छा लगेगा ?
जिन राज्यों में संस्कृत पाठशालाओं एवं हिन्दू धर्म के संवर्धन के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं को निधि देते समय संकोच किया जाता है , वहां मदरसों पर धन लुटाना कितना उचित है ? – सम्पादक, हिन्दुजागृति

नागपुर – महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के ३०८ मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए ५० लाख रुपयों का अनुदान स्वीकृत किया है । ‘डॉ. जाकिर हुसैन मदरसा आधुनिकीकरण योजना’ के अंतर्गत २१ जिलों के इन मदरसों पर यह धनदान किया जाएगा एवं इस संदर्भ में शासन का निर्णय (अध्यादेश) घोषित किया गया है । अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास का नाम देकर यह निधि वितरित की जा रही है; परंतु इस प्रकरण में हिन्दू समाज क्षुब्ध है ।
छत्रपति संभाजीनगर में सर्वाधिक मदरसों का ‘आधुनिकीकरण’ !
सरकार द्वारा घोषित आंकड़ों के अनुसार छत्रपति संभाजीनगर जिले में सर्वाधिक १०३ मदरसों को १६ लाख ७२ सहस्र रुपयों का अनुदान प्राप्त होगा । उसके पश्चात नागपुर के ५७ मदरसों को ९ लाख २५ सहस्र रुपये, तो ठाणे जनपद के ३८ मदरसों को ६ लाख १६ सहस्र रुपये दिए जाएंगे । इसके साथ ही मुंबई नगर के १२, मुंबई उपनगर के १२, जलगांव के ३, कोल्हापुर के ३, सोलापुर के ४, सतारा के ५, लातूर के ६, बीड के २०, जालना के १३, यवतमाल के ११, गढचिरौली के ७ जैसे २१ जिलों के मदरसे लाभार्थी सूची में सम्मिलित हैं ।
धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों के नाम पर निधि !
इस योजना द्वारा मदरसों में केवल धार्मिक शिक्षा न देकर विज्ञान, गणित, समाजशास्त्र, हिंदी, मराठी एवं अंग्रेजी विषय पढाए जाएंगे, साथ ही उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी । जिससे मदरसों के विद्यार्थियों की गुणवत्ता बढकर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे, ऐसा सरकार का तर्क है । यह संपूर्ण निधि संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से मदरसों को वितरित की जाएगी ।
स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात








