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देशभर में रामनवमी के दिन कट्टरपंथियों ने महाराष्ट्र से बंगाल-बिहार तक रामभक्तों पर किया हमला

हिंदुओं के त्योहारों को निशाना बनाना इस्लामी कट्टरपंथियों का नया ‘जुनून’ बनता जा रहा है। कुछ दिनों पहले जब ईद हुई तो देश में कई जगहों से तस्वीरें सामने आईं जहाँ हिंदू मुस्लिमों पर फूल बरसा रहे थे। उन्होंने उम्मीद थी कि शायद बदले में फूल ही मिलेंगे लेकिन कुछ दिनों बाद आई राम नवमी पर हिंदुओं को फूलों के बदले पत्थर मिले।

कट्टरपंथियों ने श्रद्धालुओं पर पत्थर फेंके, जिसके बाद कही पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा तो कही इस्लामी भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इन हमलों में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अभी कुछ दिन पहले होली के अवसर पर भी इन कट्टरपंथियों ने जगह-जगह बवाल किया था।

झारखंड में रामनवमी पर इस्लामी भीड़ ने हिंदुओं पर किया पथराव, गढ़वा में रामभक्तों को महावीर पताका लगाने से रोका
झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी से ठीक पहले शुरू हुआ विवाद गुरुवार (26 मार्च 2026) को हिंसक झड़प में बदल गया। धार्मिक जुलूस के मार्ग, डीजे और महावीरी झंडा लगाने को लेकर मुस्लिम पक्ष ने जमकर बवाल किया। पत्थरबाजी के दौरान स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

बुधवार (25 मार्च 2026) की देर शाम रमकंडा के बिचला टोला स्थित कौआखोह शिव चबूतरा के पास महावीर पताका स्थापित करने जा रहे रामभक्तों को त्रिवेणी चौक के पास मुस्लिमों ने रोक लिया। इसके बाद डीजे बजाने को लेकर भी भीड़ ने विवाद शुरू कर दिया। बहस करते-करते भीड़ नारेबाजी भी करने लगी और माहौल हिंसक हो गया।

देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। गुरुवार (26 मार्च 2026) को हालात और बिगड़ गए जब बड़ी संख्या इस्लामी भीड़ सड़कों पर उतर आई और पत्थरबाजी करने लगी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बाजार की दुकानें बंद होने लगीं।

हालात तब और गंभीर हो गए जब इस्लामी भीड़ की ओर से पुलिस बल पर भी पथराव की घटनाएँ सामने आईं। पुलिस की मौजूदगी में बाद में रामभक्तों ने कौआखोह शिव चबूतरा के पास महावीर पताका स्थापित किया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

रामनवमी को लेकर थाने में आयोजित शांति समिति की बैठक के बावजूद मुस्लिमों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। बैठक में दोनों पक्षों की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से रामनवमी ओर रमजान मनाने पर सहमती बनी थी। हालाँकि रामनवमी पर मुस्लिम पक्ष ने न सिर्फ बवाल किया बल्कि पुलिस पर भी पत्थर फेंके।

मुंबई के मालवणी में रामनवमी पर भगवा पताका देख बिदकी खातून, ‘रामभक्त’ पर किया हमला

मुंबई के मालवणी (मलाड) इलाके में रामनवमी की तैयारियों के दौरान सांप्रदायिक तनाव की खबर सामने आई। रामभक्त जब इलाके में भगवा झंडे और पताके लगा रहे थे, तभी कट्टरपंथियों के एक गुट ने उनका विरोध किया और हमला करने की कोशिश की। हमले का Video भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में देख सकते हैं कि एक मुस्लिम महिला दूसरी तरफ से साजिश के तहत आती है और रामभक्त पर हमला कर माहौल बिगाड़ती है। इसके बाद भारी भीड़ जमा हो जाती है। घटना उस वक्त शुरू हुई जब हिंदू संगठन के कार्यकर्ता रामनवमी के स्वागत के लिए सड़क पर झंडे लगा रहे थे।

जैसे ही वे एक मस्जिद के सामने वाली सड़क पर पहुँचे, वहाँ मौजूद इस्लामी पक्ष के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और अफरा-तफरी मच गई। यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा लग रहा था क्योंकि विरोध के तुरंत बाद बड़ी संख्या में लोग वहाँ इकट्ठा हो गए और भक्तों को धमकाना शुरू कर दिया।

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में रामनवमी जुलूस के दौरान मस्जिद के पीछे से पत्थरबाजी

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में रामनवमी के अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान इस्लामी भीड़ की ओर से पथराव किया गया। मस्जिद के पास से गुजरने के दौरान हुई घटना में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है। पुलिस ने मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू की है।

घटना गुरुवार (26 मार्च 2026) की शाम करीब चार बजे की है, जब रामनवमी का जुलूस पूरे उत्साह के साथ श्रीरामपुर के सय्यद बाबा चौक से गुजर रहा था। जुलूस में शामिल लोग भजन-कीर्तन करते आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान जब जुलूस एक स्थानीय मस्जिद के सामने पहुँचा, तभी अचानक मस्जिद के पीछे की ओर से अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।

इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मस्जिद के पीछे से पत्थर आते साफ देखा जा सकता है। अचानक हुए इस पथराव से जुलूस में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान तीन लोग पत्थरों की चपेट में आकर घायल हो गए। मामले में मस्जिद के मौलाना समेत 10 से 12 लोगों के खिलाफ श्रीरामपुर थाने में मामला दर्ज किया।

बंगाल में हिंदुओं पर हमला, मुर्शिदाबाद और पुरुलिया में रामनवमी शोभायात्रा पर उपद्रवियों ने फेंके पत्थर

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और पुरुलिया में रामनवमी के पावन पर्व पर हिंदुओं पर हमला हुआ। शुक्रवार (27 मार्च 2026) शाम रामनवमी शोभायात्राओं के दौरान उपद्रवियों ने जमकर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की, जिससे कई लोग घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

DIG अजीत सिंह यादव ने बताया कि कई दंगाइयों को हिरासत में लिया जा चुका है। मुर्शिदाबाद के जंगीपुर में शोभायात्रा जैसे ही मैकेंजी पार्क से निकलकर फुलतला मोड़ पहुँची, उपद्रवियों ने ईंट और पत्थरों से हमला बोल दिया। आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था और शोभायात्रा के आगे बढ़ने पर दोबारा पत्थर फेंके गए।

ठीक ऐसी ही हिंसक तस्वीरें पुरुलिया के पारा इलाके से भी सामने आईं, जहाँ शांतिपूर्वक निकल रही रैली को दंगाइयों ने निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के दावों के मुताबिक, उपद्रवियों ने पवित्र भगवा ध्वज को अपमानजनक तरीके से नीचे खींचकर फेंक दिया।

बीजेपी ने इस हिंसा के लिए ममता सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया है। शुभेंदु अधिकारी ने पूछा कि क्या अपने ही राज्य में भगवा ध्वज फहराना अपराध है? फिलहाल, मुर्शिदाबाद और पुरुलिया में सुरक्षा एजेंसियाँ चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही हैं ताकि कोई और अनहोनी न हो।

झारखंड के धनबाद में राम नवमी जुलूस के बीच पत्थरबाजी से 6 लोग घायल
झारखंड के धनबाद जिले के भिकराजपुर में शुक्रवार (27 मार्च 2026) की शाम रामनवमी के अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान अचानक तनाव की स्थिति पैदा हो गई। जुलूस अपने तय मार्ग से गुजर रहा था, तभी दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार, दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।

पत्थरबाजी के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना में करीब छह लोग घायल हुए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि यह विवाद दो समुदायों के किशोरों के बीच शुरू हुआ था, जो अचानक बढ़ गया।

हालात को देखते हुए बलियापुर के भिकराजपुर समेत आसपास के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में भी लिया है। पुलिस ने कहा है कि घटना की जाँच जारी है, उपद्रव में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान में रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव

राजस्थान में रामनवमी के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्रा पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हमला किया। जानकारी के मुताबिक, शोभायात्रा शांतिपूर्वक निकाली जा रही थी, इसी दौरान हिंदू श्रद्धालुओं पर पत्थरबाजी की गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

इसके अलावा जोधपुर में शुक्रवार (27 मार्च 2026) की रात गणगौर पर्व के दौरान निकाली जा रही ‘भोलावनी’ शोभायात्रा पर भी अचानक पथराव किए जाने की घटना सामने आई। यहाँ मकराना मोहल्ला स्थित एक संकरी गली में परंपरागत रूप से शांतिपूर्ण ढंग से निकल रही शोभायात्रा अचानक हिंसा की चपेट में आ गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शोभायात्रा जब गली के पास पहुँची तो कुछ लोगों ने रास्ते से गुजर रहे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की और देखते ही देखते पथराव शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवियों ने न केवल शोभायात्रा को निशाना बनाया, बल्कि आसपास खड़े ऑटो-रिक्शा और मोटरसाइकिलों में भी तोड़फोड़ की, जिसमें कई लोग घायल हुए।

घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा। इस दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, CCTV फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक्स पर लिखा, “जोधपुर ही नहीं देश के किसी भी शहर में संस्कृति और परम्परा से खिलवाड़ करना और उसे सांप्रदायिक रूप देकर सामाजिकता पर चोट करने की कुचेष्टा नहीं चलेगी, यह साफ है। जिसे भी यह लगता है कि वह ऐसा कर अपने षड्यंत्र में सफल होगा, उसे ऐसा सबक मिलना चाहिए कि जो इस तरह की मानसिकता वाले दूसरों के लिए भी उदाहरण बने। “

बिहार में राम नवमी के अवसर पर सांप्रदायिक तनाव

राम नवमी के दौरान बिहार के कुछ इलाकों से भी तनाव की खबरें सामने आई। इस पर राज्य के डीजीपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि CCTV फुटेज की मदद से उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द पकड़ लिया जाएगा।

भारत अपने पारंपरिक उत्सवों और त्योहारों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस्लामी कट्टरपंथी हमेशा इसी ताक में रहते हैं कि कब कोई त्योहार आए और बवाल करने में लग जाएँ। होली के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई। कहीं होली का त्योहार मना रहे हिंदुओं से मारपीट की गई तो कहीं मस्जिद की दीवारों पर रंग के छीटें पड़ जाने को लेकर इस्लामी कट्टरपंथियों ने बवाल किया। एक त्योहार बीता ही था तब तक इन कट्टरपंथियों ने रामनवमी पर भी हिंसा फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

स्रोत : ऑप इंडिया

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