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छत्रपति संभाजीनगर में हुई भव्य हिंदू राष्ट्र जागृति सभा में 4 हजार धर्माभिमानी हिन्दू हुए एकजुट

छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की कब्र का महिमामंडन क्यों किया जा रहा है ? – टी. राजा सिंह, विधायक

छत्रपति संभाजीनगर – छत्रपति संभाजी महाराज ने धर्म की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। महाराष्ट्र में आने के बाद उनकी स्मृतियां जागृत होती हैं और धर्मकार्य की प्रेरणा मिलती है। हिंदू एकता के प्रतीक के रूप में शहर का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर रखा गया। आज भी यहां औरंगजेब की कब्र की देखरेख के लिए 6 लाख 50 हजार रुपये का शासकीय निधि खर्च किया जाता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के पास यह खर्च रोकने का एक सुनहरा अवसर है और उन्हें इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। ऐसे स्पष्ट विचार विधायक टी. राजा सिंह ने व्यक्त किए।

वे गुड़ी पडवा के अवसर पर पिसादेवी परिसर स्थित ‘द्रौपदाबाई नानाभाऊ काळे क्रीड़ा संकुल मैदान’ में आयोजित हिंदू राष्ट्र जागृति सभा में बोल रहे थे। इस अवसर पर सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरु नंदकुमार जाधव तथा हिंदू जनजागृति समिति की मराठवाडा समन्वयक कु. प्रियांका लोणे मंच पर उपस्थित थीं।

सभा में हिंदुत्वनिष्ठों की उपस्थिति

सभा की शुरुआत श्री शरद पाटील द्वारा शंखनाद से हुई। वेदमूर्ति श्री अंबादास शास्त्री जोशी गुरुजी तथा श्री अमोल शास्त्री जोशी गुरुजी ने वेदमंत्रों का पाठ किया। टी. राजा सिंह ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित किया। ह.भ.प. अरुण महाराज पिंपळे, पिसादेवी गांव के सर्वपक्षीय ग्रामस्थों ने टी. राजा सिंह का तथा सौ. वैजयंती मिसाळ ने कु. प्रियांका लोणे का सम्मान किया। श्री रामेश्वर भुकन ने हिंदू जनजागृति समिति के कार्य का परिचय दिया। अंत में स्वसंरक्षण के प्रात्यक्षिक भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन कु. रागेश्री देशपांडे ने किया। सभा में 4 हजार से अधिक धर्मप्रेमी हिंदू उपस्थित थे।

हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए तन-मन-धन समर्पित करें ! – सद्गुरु नंदकुमार जाधव, धर्मप्रचारक, सनातन संस्था

सद्गुरु नंदकुमार जाधव ने कहा कि, हिंदू राष्ट्र कोई नई संकल्पना नहीं,  अपितु भारत का मूल स्वभाव है। राजा कृष्णदेवराय द्वारा स्थापित विजयनगर साम्राज्य और छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिंदवी स्वराज्य सनातन राष्ट्र के ही स्वरूप हैं। रामराज्य की स्थापना को कोई रोक नहीं सकता। जैसे रामायण में वानरसेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उसी प्रकार आज प्रत्येक हिंदू को अपनी क्षमता के अनुसार हिंदू राष्ट्र स्थापना के कार्य में तन-मन-धन से योगदान देना चाहिए। यही वर्तमान समय की साधना है।

स्वसंरक्षा लेकर धर्मरक्षा के लिए तैयार हों ! – कु. प्रियांका लोणे

कु. प्रियांका लोणे ने कहा कि, सप्ताह में कम से कम एक बार अपने क्षेत्र के मंदिर में जाकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ या आरती का आयोजन करना चाहिए। महिलाओं को घर से निकलते समय कुमकुम और पुरुषों को तिलक लगाना चाहिए। समाज में हो रही महिला अत्याचारों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि, सभी महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेकर धर्मरक्षण के लिए तैयार रहने का संकल्प लेना चाहिए।

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