मंदिर सरकारीकरण, मंदिरों की सुरक्षा और वक्फ अतिक्रमण जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा

सातारा – हजारों वर्षों से हिंदू धर्म की आधारशिला रहे मंदिर आज ‘सेक्युलरवाद’ के नाम पर अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मंदिरों का सरकारीकरण, सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में भ्रष्टाचार, मंदिरों की भूमि पर कब्जा, तिरुपति बालाजी जैसे मंदिरों के प्रसाद में मिलावट तथा वक्फ बोर्ड द्वारा मंदिरों की भूमि पर बढते अतिक्रमण जैसी समस्याओं के समाधान हेतु मंदिर महासंघ सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
इन्हीं विषयों पर व्यापक चर्चा, मंदिरों का संगठन तथा मंदिरों की समस्याओं को सरकार तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र मंदिर महासंघ, मुंबई की श्री जीवदानी देवी संस्था, श्री ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर देवस्थान और हिंदू जनजागृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में 22 मार्च को सातारा के स्वराज मंगल कार्यालय (कोरेगांव रोड) में चतुर्थ महाराष्ट्र मंदिर न्यास परिषद आयोजित की गई है।
इस परिषद में महाराष्ट्र भर से 1000 से अधिक मंदिर ट्रस्टी, प्रतिनिधि, पुरोहित, मंदिर संरक्षण हेतु कार्यरत अधिवक्ता और विषय विशेषज्ञ सहभागी होंगे, ऐसी जानकारी मंदिर महासंघ के महाराष्ट्र राज्य संयोजक श्री संजय जोशी ने पत्रकार परिषद में दी।
पत्रकार परिषद में मान्यवरों की उपस्थिति
इस अवसर पर पूज्य नीलकंठ शिवाचार्य धारेश्वर महाराज, अधिवक्ता जनार्दन करपे, मंदिर महासंघ के सातारा जिला संयोजक श्री शिवाजीराव तुपे, भुईंज महालक्ष्मी मंदिर के श्री गजानन भोसले तथा हिंदू जनजागृति समिति के समन्वयक श्री हेमंत सोनावणे उपस्थित थे।
शिवाजीराव तुपे ने बताया कि मंदिर महासंघ से 17 हजार से अधिक ट्रस्टी, पुरोहित, धार्मिक संस्थाएँ और भक्त जुड़े हुए हैं तथा महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के 2400 से अधिक मंदिरों में वस्त्रसंहिता लागू की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि, महासंघ ने महाराष्ट्र में मंदिरों की सैकड़ों एकड भूमि घोटालेबाजों से बचाई है। कर्नाटक में मंदिरों से धन लेने वाले मंदिर एवं धर्मादाय संस्था कर सुधार विधेयक 2024 का भी विरोध किया गया, जिसके कारण वह पारित नहीं हो सका। इसके साथ ही कर्नाटक से लुप्त हुए 4170 मंदिरों के पुनर्स्थापन के लिए भी आंदोलन किया गया।
परिषद में अनेक प्रमुख व्यक्तियों की सहभागिता
हिंदू जनजागृति समिति के श्री हेमंत सोनावणे ने बताया कि, इस परिषद में राज्य के फलोत्पादन मंत्री भरतसेठ गोगावले, जैन मंदिर के श्री गिरीश शाह, मंदिर विषय के लेखक एवं अभ्यासक श्री संदीप सिंह, श्रीक्षेत्र आळंदी के ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान के प्रमुख ट्रस्टी योगी निरंजननाथ महाराज, देहू-आळंदी के मंदिर ट्रस्टी, 11 मारुति मंदिरों के ट्रस्टी, मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक श्री सुनील घनवट, अष्टविनायक मंदिरों के ट्रस्टी, महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग देवस्थान के ट्रस्टी, सनातन संस्था की सद्गुरु स्वाती खाडये तथा विभिन्न संतपीठों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
इन महत्वपूर्ण विषयों पर होगा मंथन
इस परिषद में मार्गदर्शन सत्र और चर्चासत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख विषय होंगे –
- मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था
- मंदिरों को सनातन धर्मप्रचार के प्रभावी केंद्र बनाना
- मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के उपाय
- वक्फ कानून के माध्यम से मंदिर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के समाधान
- मंदिर और तीर्थक्षेत्रों के आसपास मद्य और मांस बिक्री पर प्रतिबंध
- उपेक्षित मंदिरों का जीर्णोद्धार
यह परिषद केवल आमंत्रित प्रतिनिधियों के लिए है। सहभागिता हेतु 7020383264 इस क्रमांक पर संपर्क करने का आवाहन मंदिर महासंघ द्वारा किया गया है।








