Menu Close

सोलापुर में आयोजित हिंदू राष्ट्र जागृति सभा में 10 सहस्र हिंदुओं ने धर्मरक्षा का लिया संकल्प

शत्रु-बोध को समझकर ‘हिंदू से हिंदू’ को जोड़ने और संगठित होकर कार्य करने का संकल्प

दीप प्रज्वलन करते हुए बाईं ओर से सद्गुरु स्वाती खाडये, लेफ्टनेंट कर्नल मनोजकुमार सिन्हा (सेवानिवृत्त) तथा श्री राजन बुणगे

सोलापुर – 11 मार्च को जय भवानी प्रशाला के मैदान में आयोजित हिंदू राष्ट्र जागृति सभा अनेक बाधाओं को पार करते हुए हिंदुओं के लिए दिशादर्शक सिद्ध हुई। सोलापुर शहर सहित आसपास के गांवों से आए 10 हजार हिंदुओं ने धर्मरक्षा हेतु कार्य करने का दृढ संकल्प व्यक्त किया।

सनातन संस्था की सद्गुरु स्वाती खाडये ने वर्तमान परिस्थितियों पर मार्गदर्शन करते हुए उपस्थित हिंदुओं को यह बताया कि आने वाले कठिन समय में केवल साधना ही रक्षा कर सकती है। श्री राजन बुणगे के मार्गदर्शन में हिंदुओं को सर्वधर्मसमभाव की भ्रामक अवधारणा से बाहर आने की आवश्यकता पर जोर देते हुए ‘वास्तविक शत्रु की पहचान कैसे करें’, यह समझाया गया।

लेफ्टनेंट कर्नल मनोजकुमार सिन्हा (सेवानिवृत्त) के ओजस्वी और प्रभावशाली वक्तव्य से उपस्थित हिंदुओं ने “हां, हम धर्मयुद्ध के लिए तैयार हैं” ऐसा दृढ निश्चय व्यक्त किया। महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति के साथ यह सभा समग्र रूप से हिंदुओं को विचार ही नहीं बल्कि कार्य के स्तर पर दिशा देने वाली सिद्ध हुई।

रामराज्य के पवित्र संकल्प के साथ एकत्रित हुआ हिंदू समाज

हिंदू राष्ट्र जागृति सभा में वक्ताओं का मार्गदर्शन

हिंदुओं को धर्मविरोधी षड्यंत्रों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा – लेफ्टनेंट कर्नल मनोजकुमार सिन्हा (सेवानिवृत्त)

लेफ्टनेंट कर्नल मनोजकुमार सिन्हा ने कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो धर्मयुद्ध का मार्गदर्शन दिया था, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। भारत के इतिहास में जब-जब दुष्प्रवृत्तियों का दृढ़ता से सामना किया गया, तब-तब देश में स्थिरता आई।

उन्होंने कहा कि झूठी शांति की अवधारणाओं के कारण हिंदू समाज भ्रमित हुआ है। पाकिस्तान को विभाजन के समय भूमि देने के बाद भी उसका आक्रमक रवैया समाप्त नहीं हुआ। इसलिए हिंदुओं को धर्मविरोधी चक्रव्यूह को तोड़ने और धर्मरक्षा के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने मातृशक्ति से भी अपने दायित्व और सामर्थ्य को पहचानने का आवाहन किया।

स्वयं के अस्तित्व की रक्षा के लिए साधना और धर्मरक्षा आवश्यक ! – सद्गुरु स्वाती खाडये, सनातन संस्था

सद्गुरु स्वाती खाडये ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व स्तर पर संघर्ष की स्थितियाँ बन रही हैं। ऐसे समय में केवल तकनीक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का बल ही मानव को स्थिरता दे सकता है।

उन्होंने हिंदुओं से अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए धर्माचरण और साधना का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू राष्ट्र की संकल्पना भारत की मूल सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है।

शत्रु-बोध समझकर धर्मबंधुओं के साथ व्यवहार को प्राथमिकता दें ! – राजन बुणगे, हिंदू जनजागृति समिति

राजन बुणगे ने कहा कि हिंदुओं को अपने और पराए की पहचान (शत्रु-बोध) समझने की आवश्यकता है। अनेक घटनाओं के बाद भी हिंदू समाज जागृत नहीं होता और कई बार अनजाने में अपने ही विरोधियों का साथ देता है।

उन्होंने हिंदुओं से आवाहन किया कि वे सामाजिक और आर्थिक व्यवहार में धर्मबंधुओं को प्राथमिकता दें और समाज की सुरक्षा के लिए जागरूक रहें।

धर्मशिक्षण का अभाव समस्याओं का कारण

वक्ताओं ने यह भी कहा कि धर्मशिक्षण के अभाव के कारण युवाओं में धर्माभिमान कम हो रहा है, जिससे अनेक सामाजिक समस्याएँ बढ़ रही हैं। इसलिए परिवार स्तर पर धर्मशिक्षण देना समय की आवश्यकता है।

सभा में उपस्थित हिंदुओं ने समाज जागृति, धर्मरक्षा और संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।

Latest News