अब आश्वासन नहीं; संपर्क प्रणाली तुरंत शुरू करें – ‘सुराज्य अभियान’

यात्रियों को जानकारी प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल (MSRTC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जो डिपो और बस स्थानकों के संपर्क नंबर दिए गए हैं, वे भारी संख्या में बंद हैं या उन पर कोई उत्तर नहीं मिलता। यात्रियों की इस गंभीर समस्या पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए 13 मार्च 2026 को सातारा, सांगली, जलगांव, सिंधुदुर्ग और अकोला में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर ‘सुराज्य अभियान’ ने एसटी प्रशासन की विफलता और लचर व्यवस्था को उजागर किया।
इस विषय में इन 5 स्थानों के साथ-साथ नासिक, पुणे, सोलापुर, मुंबई, कोल्हापुर और राज्य के अन्य स्थानों पर विभाग नियंत्रकों के माध्यम से माननीय परिवहन मंत्री और अध्यक्ष (एसटी महामंडल) श्री. प्रताप सरनाईक को पुनः एक बार शिकायत पत्र सौंपकर यात्रियों की समस्या को तत्काल हल करने की मांग की गई है।

इतने निरंतर प्रयासों के बाद भी यात्रियों की समस्याओं के प्रति प्रशासन उदासीन क्यों?
राज्य परिवहन मंडल की वेबसाइट पर दिए गए अधिकांश आधिकारिक संपर्क नंबर अक्सर बंद रहते हैं या कॉल करने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती। ‘सुराज्य अभियान’ ने इस विषय में प्रत्यक्ष जांच कर लगातार प्रयास किए। परंतु इतने प्रयासों के बाद भी डिपो और स्थानक स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
- दिनांक 16.12.2025: माननीय परिवहन मंत्री, अध्यक्ष (एसटी महामंडल) और परिवहन आयुक्त को ईमेल द्वारा पहला पत्र भेजा गया।
- दिनांक 17.12.2025: इस पर महाप्रबंधक (यातायात) ने 31 विभागीय नियंत्रकों को ईमेल के माध्यम से तत्काल सुधार के आदेश दिए।
- दिसंबर 2025: राज्य के विभिन्न बस स्थानक / डिपो प्रबंधकों और विभाग नियंत्रकों को इस विषय में प्रत्यक्ष ज्ञापन सौंपा गया।
- दिनांक 20.02.2026: सुराज्य अभियान ने पुनः स्मरण पत्र (रिमाइंडर) ईमेल किया और की गई कार्यवाही की जानकारी विभाग तथा आवेदक को देने का आग्रह किया।



संपर्क नंबरों की जांच के चौंकाने वाले आंकड़े !
‘सुराज्य अभियान’ के प्रत्यक्ष सत्यापन (वेरिफिकेशन) से सामने आए आंकड़े यात्रियों की चिंता बढ़ाने वाले हैं:
- बस स्थानक + डिपो के कुल जांचे गए संपर्क नंबर : 413
- सक्रिय / उत्तर मिला, ऐसे नंबरों की संख्या : 117 (मात्र 28%)
- बंद / उत्तर न मिलने वाले नंबरों की संख्या : 296 (72%)
- ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे स्वच्छ और सुंदर बस स्थानक अभियान’ के अंतर्गत केवल रंग-रोगन करने या पुरस्कार देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि यात्रियों को मिलने वाली ‘प्रत्यक्ष सेवा’ अधिक महत्वपूर्ण है। पिछले तीन महीनों से हम इस समस्या पर लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी केवल कागजी कार्यवाही कर रहे हैं और यात्रियों की असुविधा आज भी वैसी ही है। मूल रूप से, बस स्थानक के टेलीफोन और संपर्क प्रणाली तथा वेबसाइट की देखभाल के लिए हर महीने एक निश्चित बजट (निधि) स्वीकृत होता है, फिर यह पैसा जाता कहां है? यदि यात्रियों को यह सुविधा मिल ही नहीं रही है, तो इस संबंध में वर्षों से दी गई राशि उत्तरदायी अधिकारियों से ब्याज सहित क्यों न वसूली जाए?” ऐसा सीधा प्रश्न ‘सुराज्य अभियान’ के महाराष्ट्र राज्य समन्वयक श्री. अभिषेक मुरुकटे ने उठाया है।
तत्काल प्रशासनिक उत्तरदायित्व निश्चित करें !
बंद लैंडलाइन का तकनीकी कारण अब स्वीकार्य नहीं है, उसके विकल्प के रूप में प्रत्येक बस स्थानक और डिपो के लिए आधिकारिक मोबाइल नंबर तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उनकी जानकारी तुरंत वेबसाइट पर अद्यतन (Update) की जाए। साथ ही, जानबूझकर फोन न उठाने वाले या आधिकारिक नंबर निष्क्रिय रखने वाले उत्तरदायी कर्मचारियों और अधिकारियों पर इसे ‘सेवा में दोष’ मानकर कठोर प्रशासनिक कार्यवाही की जाए। इसके अलावा, बस स्थानक के हर 15 दिन में होने वाले ‘डीप क्लीनिंग निरीक्षण’ में केवल स्वच्छता ही नहीं, बल्कि ‘संपर्क प्रणाली’ की स्थिति की जांच करना भी अनिवार्य किया जाए, ऐसी मांग की गई है। विषय की गंभीरता को देखते हुए विभाग नियंत्रकों के माध्यम से परिवहन मंत्री को यह शिकायत पत्र सौंपा गया है और तत्काल कार्यवाही की अपेक्षा की गई है।














