Menu Close

हुपरी की हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा में हिंदुत्व की हुंकार, 11 हजार हिंदुओं की धर्मरक्षा के लिए गर्जना

हुपरी (जिला कोल्हापुर) में हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा

  • लव जिहाद’ के विरुद्ध कानून पारित करने की एकमुखी मांग

  • नशीले पदार्थों के माध्यम से युवाओं को व्यसन का शिकार बनाने वाले षड्यंत्र के विरुद्ध आंदोलन करने का संकल्प

सभा में मान्यवरों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक नमन किया

हुपरी (जिला कोल्हापुर) – ‘चंदेरी नगरी’ के रूप में प्रसिद्ध हुपरी के हुतात्मा स्मारक में 1 मार्च को आयोजित हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा में लगभग 11 हजार हिंदुओं ने धर्मरक्षा के लिए संगठित होकर प्रत्यक्ष कार्य करने का संकल्प लिया। इस सभा में भाग्यनगर के ‘श्रीराम युवा सेना’ के संस्थापक-अध्यक्ष विधायक टी. राजा सिंह, सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये तथा हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र और छत्तीसगढ राज्य के संयोजक श्री सुनील घनवट ने प्रेरणादायी और हिंदुत्व जागृत करने वाला मार्गदर्शन किया।

युवतियों और महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति वाली इस सभा में ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध कानून तुरंत पारित करने की एकमुखी मांग की गई। साथ ही महिलाओं और युवतियों पर होने वाले अन्याय-अत्याचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए स्वतंत्र ‘पुलिस टास्क फोर्स’ और अलग हेल्पलाइन नंबर की मांग भी उठाई गई।

सभा में पंचक्रोशी से आए हिंदुओं ने यह संकल्प व्यक्त किया किm संवैधानिक मार्ग से भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित होने तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस सभा के माध्यम से धर्मपालन और संगठन की आवश्यकता का महत्व स्पष्ट हुआ। सभा के बाद कई स्थानों पर धर्मशिक्षा वर्ग प्रारंभ हुए तथा युवाओं ने धर्मपालन की गतिविधियों का आरंभ किया।

वक्ताओं के प्रेरणादायी विचार

“अब ‘गजवा-ए-हिंद’ नहीं, ‘भगवा-ए-हिंद’ की आवश्यकता है!” – सुनील घनवट, हिंदू जनजागृति समिति

सुनील घनवट ने कहा, गांव और धर्म की रक्षा के लिए प्रत्येक गांव में ‘ग्राम सुरक्षा दल’ बनाए जाने चाहिए। इनके माध्यम से ‘बांग्लादेशी घुसपैठ-मुक्त’ और ‘हलाल-मुक्त गांव’ अभियान को गति दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा, छत्रपति संभाजी महाराज की प्रेरणा से युवाओं को जागृत करने के लिए हुपरी के सूर्यतलाव क्षेत्र में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की समयसीमा तय की जाए।

पुलिस द्वारा सभा आयोजकों को दी गई धारा 168 की नोटिस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि, “आयोजकों को नोटिस देने के साथ-साथ देशद्रोह की साजिश करने वालों को भी पुलिस नोटिस दे।”

उन्होंने यह भी कहा कि, सर्वधर्मसमभाव के नाम पर अंबादेवी की पालखी को दरगाह में ले जाने की प्रथा बंद कर हिंदू धर्म की पवित्रता बनाए रखनी चाहिए।

“हिंदुत्वनिष्ठों के दमन को रोकने के लिए हिंदुओं को संगठित होना होगा!”– सद्गुरु स्वाती खाडये, सनातन संस्था

सभा को संबोधित करते हुए सनातन संस्था की सद्गुरु स्वाती खाडये ने कहा कि, कुछ समय पूर्व न्यायालय ने मालेगांव बम विस्फोट मामले में सभी हिंदुत्वनिष्ठों को निर्दोष घोषित किया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि सत्य को स्थायी रूप से दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक, बंगाल, केरल और कश्मीर में हिंदुओं को दबाने के प्रयास चल रहे हैं, इसलिए जाति-पंथ-पार्टी से ऊपर उठकर हिंदुओं को एकजुट होना होगा।

उनके अनुसार भगवा आतंकवाद का नहीं, बल्कि शौर्य का प्रतीक है, और भविष्य में हिंदुत्वनिष्ठों के दमन को रोकने के लिए हिंदुओं को संगठित होकर रामराज्य की स्थापना के लिए प्रयास करना होगा।

“हमारे आदर्श छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज हैं!”– विधायक टी. राजा सिंह

टी. राजा सिंह ने अपने भाषण में कहा कि, हजारों हिंदुओं की हत्या करने वाला और मंदिरों को नष्ट करने वाला टिपू सुल्तान कभी भी हिंदुओं का आदर्श नहीं हो सकता। इसके विपरीत छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज ने हिंदू धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया, इसलिए वही हिंदुओं के सच्चे आदर्श हैं।

उन्होंने मांग की कि ‘लव जिहाद’ की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष पुलिस टास्क फोर्स और हेल्पलाइन नंबर बनाया जाए। साथ ही ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ लागू करने की भी आवश्यकता बताई।

स्वसंरक्षण प्रशिक्षण के प्रात्यक्षिक के दौरान ‘आतंकवाद का अंत इसी प्रकार करना पड़ता है’ यह दर्शाने वाला अफजल खान वध का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।

ऐसे हुई सभा

  • सभा की शुरुआत शंखनाद से हुई और सद्गुरु स्वाती खाडये के हाथों दीप प्रज्वलन किया गया। इसके बाद मान्यवरों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित की।
  • वेदमूर्ति ऋषिकेश जोशी गुरुजी और वेदमूर्ति अविनाश जोशी गुरुजी ने वेदमंत्रों का पाठ किया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
  • इसके पश्चात सनातन संस्था के नवीन ग्रंथों का प्रकाशन किया गया तथा हिंदुत्व के लिए कार्य करने वाले धर्मवीरों का सम्मान हुआ।
  • सभी वक्ताओं ने ओजस्वी और प्रेरणादायी भाषण दिए।
  • अंत में स्वरक्षण के प्रात्यक्षिक प्रस्तुत किए गए और सभा का समापन ‘वंदे मातरम्’ से हुआ।

विशेष झलकियां

  • सभा के प्रभाव से गांव की अनेक लडकियों ने कुंकू (सिंदूर/तिलक) लगाना प्रारंभ किया।
  • एक परिवार ने बताया कि उनके मामा द्वारा ईसाई धर्म स्वीकारने के कारण उन्होंने उनसे कहा कि, अब आगे हमारे परिवार से कोई संबंध न रखें।
  • एक महिला 3 महीने के छोटे शिशु को लेकर सभा में आईं। उन्होंने अपने गांव की महिलाओं के साथ बस से आते समय घोषणाएं देकर सभी में उत्साह भर दिया।
  • श्री राहुल राजपूत, जो धर्माभिमानी दिव्यांग हैं, वे भी चलकर सभा में पहुंचे। वहीं बेनाडी गांव के 94 वर्षीय श्री कृष्णा आप्पा चौगुले भी सभा में उपस्थित थे।
  • विक्रमनगर (इचलकरंजी) की ‘काडसिद्धेश्वर महिला भजनी मंडल’ की 43 महिलाएं बस से एक साथ सभा स्थल पर पहुंचीं और घोषणाएं देते हुए उन्होंने प्रवेश किया।
  • आलाटवाडी, यळगुड, निपाणी, बोरगांव, काळमवाडी, तळंदगे, बेनाडी, निवडकी तथा आसपास के अनेक गांवों से धर्माभिमानी लोग समूहों में आकर सभा में सहभागी हुए।
  • तामगांव के श्री रंजीत दुर्गाले अपने ‘स्वामी समर्थ केंद्र’ की सभी महिलाओं को लेकर 2 टेंपो ट्रैवलर और 1 चारपहिया वाहन से सभा में पहुंचे।
  • श्री लक्ष्मण गुरव ने अपने क्षेत्र की 45 महिलाओं के सभा में आने के लिए वाहन की व्यवस्था की थी।

सभा में उपस्थित प्रमुख मान्यवर

सभा में श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान, अखिल भारत हिंदु महासभा, भाजपा, शिवसेना, विश्व हिंदु परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी तथा पंचक्रोशी के विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

इस भव्य सभा ने हुपरी और आसपास के क्षेत्र में हिंदुत्व जागृति और धर्मरक्षा के संकल्प को सशक्त रूप से प्रकट किया।

Latest News