कुडाल, सावंतवाडी और शिरोडा में किया गया होली का पूजन

सिंधुदुर्ग – होली अर्थात दुष्प्रवृत्तियों और अमंगल विचारों का नाश कर सत्प्रवृत्ति का मार्ग दिखाने वाला उत्सव ! वृक्षरूपी समिधा को अग्नि में अर्पित कर उसके माध्यम से वातावरण की शुद्धि करना, यही उदात्त भाव होली मनाने के पीछे है। दुर्भाग्यवश वर्तमान में इस उत्सव को विकृत स्वरूप प्राप्त हो गया है। धर्मशास्त्र को समझकर उसके अनुसार पर्व-उत्सव मनाए जाएँ, तो उससे आध्यात्मिक लाभ होता है। यह ध्यान में रखते हुए हिंदू जनजागृति समिति और सनातन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में जिले के सावंतवाडी, कुडाल और शिरोडा (वेंगुर्ला) में आदर्श होलिकोत्सव मनाया गया। इसके साथ ही जिले के गांव-गांव में भी होलिकोत्सव बड़े उत्साह से मनाया गया। कुडाल और सावंतवाडी में सनातन के धर्मप्रचारक सद्गुरु सत्यवान कदम की वंदनीय उपस्थिति प्राप्त हुई थी।

कुडाल, सावंतवाडी और शिरोडा में किया गया होली का पूजन
सावंतवाडी – शहर के श्री देव नारायण मंदिर के सामने होली का पूजन किया गया। इस समय कोलगांव के धर्मप्रेमी रवि भिसे ने पूजन किया और पौरोहित्य श्रीपाद काशाळीकर ने किया। इसके बाद सद्गुरु सत्यवान कदम के हस्तों से पूजन किया गया।
इस समय सनातन के साधक, हिंदू जनजागृति समिति के साधक तथा धर्माभिमानी हिंदू, ऐसे 100 से अधिक लोग उपस्थित थे।
कुडाल – शहर के डाकघर के सामने स्थित मैदान में होली का पूजन किया गया। इस समय श्री नामदेव सावंत ने पूजन किया और नेरूर के श्री मंजुनाथ सुभाष फडके ने पौरोहित्य किया।
वेंगुर्ला – तालुका के शिरोडा स्थित विजय केरवाडा मैदान में धर्मप्रेमी श्री भालचंद्र कुबल के हस्तों होली का पूजन किया गया। श्री हर्षद वझे ने इसका पौरोहित्य किया। इस समय सनातन और हिंदू जनजागृति समिति के साधक तथा धर्माभिमानी हिंदुओं सहित 80 से अधिक लोग उपस्थित थे।








