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महाराष्ट्र में विविध स्थानों पर हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा को धर्मप्रेमियों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद

वाशिवली 

हिंदुओं, केवल ‘जन्म से हिंदू’ नहीं, बल्कि ‘कर्म से हिंदू’ बनें – सुनील कदम, हिंदू जनजागृति समिति

वाशिवली (ता. रसायनी, जिला रायगढ़) – अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर पर ध्वजारोहण होना 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का धर्मध्वज है। आज हिंदू समाज के सामने ‘लव जिहाद’ जैसी अनेक चुनौतियाँ खड़ी हैं। उनका सामना करने और हिंदू समाज को सशक्त बनाने के लिए केवल जन्म से हिंदू होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को धर्माचरण करते हुए कर्म से हिंदू बनना होगा, ऐसा वक्तव्य हिंदू जनजागृति समिति के श्री सुनील कदम ने दिया।

यहां ‘सांस्कृतिक आध्यात्मिक सुशोभीकरण मंडल’ की ओर से डॉ. पानेरकर महाराज हाईस्कूल और जूनियर कॉलेज के मैदान में भव्य ‘हिंदू राष्ट्र जागृति सभा’ का आयोजन किया गया था। उस समय वे बोल रहे थे।

इस अवसर पर सनातन संस्था की सौ. मोहिनी मांढरे ने भी उपस्थित लोगों को धर्माचरण का महत्व समझाया। इस सभा को सफल बनाने के लिए ‘सांस्कृतिक आध्यात्मिक सुशोभीकरण मंडल’ के कार्यकर्ताओं ने विशेष परिश्रम किए। ग्रामवासियों ने भी आगे धर्मकार्य के लिए संगठित रूप से प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।

क्षणचित्र

१. सभा का प्रारंभ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर किया गया।

२. समिति की ओर से स्वसंरक्षण प्रशिक्षण के प्रात्यक्षिक (डेमो) प्रस्तुत किए गए।


राजापुर

धर्म पर हो रहे आघातों को रोकने के लिए हिंदुओं को सदा सतर्क रहना चाहिए – संजय जोशी, हिंदू जनजागृति समिति

सभा में मार्गदर्शन करते हुए श्री संजय जोशी और श्री गोविंद भारद्वाज (बाईं ओर)

हिंदू धर्म पर हो रहे आघात अब गांव-गांव तक पहुंच गए हैं। देश में हिंदू बहुसंख्यक होने के बावजूद उनके अस्तित्व पर ही संकट निर्माण हुआ है। हिंदुओं को किसी भी प्रकार का व्यवहार करते समय सावधानी रखनी चाहिए।

धर्म पर हो रहे आक्रमणों को रोकने के लिए हिंदुओं को सतर्क और संगठित रहना चाहिए, ऐसा आवाहन हिंदू जनजागृति समिति के श्री संजय जोशी ने किया।

तालुका के मंदरूल और झरेवाड़ी में 28 मार्च को ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित हिंदू राष्ट्र जागृति सभा में वे बोल रहे थे। सभा का संचालन सचिंद्र चंदूरकर ने किया। सभा के लिए श्री सुरेश मासये ने अपना आंगन उपलब्ध कराया, जबकि श्री परशुराम मासये ने आगे आकर सहयोग किया।

श्री संजय जोशी ने कहा कि, कट्टर मुसलमान हिंदू नाम धारण करके हिंदू युवतियों को धोखा दे रहे हैं। लैंड जिहाद के माध्यम से हिंदुओं के मंदिरों और जमीनों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। अन्य धर्मों के लोग हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने के लिए हिंदू धर्म की प्रथाओं और परंपराओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। नाटक, फिल्मों और अन्य माध्यमों से हिंदुओं की आस्था के केंद्रों का खुलेआम अपमान किया जा रहा है। सनातन हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अब हिंदुओं को जाति, पंथ, संप्रदाय और राजनीतिक भेद भूलकर हिंदू के रूप में संगठित होना समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर समिति के गोविंद भारद्वाज ने कहा, “साधना करने से भगवान हमें राष्ट्र और धर्म कार्य के लिए शक्ति प्रदान करते हैं। इसके लिए नियमित साधना करना आवश्यक है। रामरक्षा स्तोत्र, मारुति स्तोत्र और भगवान श्रीराम का जप करना आज के समय की आवश्यक साधना है। यदि युद्ध जैसी परिस्थितियों में हमें टिके रहना है, तो साधना ही काम आती है।”

पूर्व सरपंच श्री शिवाजी मासये ने कहा, हिंदू जनजागृति समिति का कार्य अत्यंत गर्व का विषय है। हम भी अपनी क्षमता के अनुसार इस कार्य में सहभागी होंगे। हमारे यहां धर्मशिक्षा वर्ग शुरू करें, जिससे हमें धर्म के बारे में ज्ञान मिल सके।


दैठणे गुंजाळ (जिला अहिल्यानगर)

मंच पर उपस्थित (बाएं से) श्री. रामेश्वर भुकन एवं सौ. मनीषा कावरे

छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति और ‘धर्म रक्षक संघ’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा’ उत्साह और ऊर्जा के साथ संपन्न हुई। इस सभा में 100 से अधिक धर्माभिमानी उपस्थित रहे।

सभा की प्रमुख वक्ता सौ. मनीषा कावरे ने अपने मार्गदर्शन में प्रभु श्रीराम और छत्रपति शिवाजी महाराज के महान कार्यों का गौरवगान किया। उन्होंने कहा कि, पूर्वकाल में समाज धर्माभिमानी था, इसलिए घर-घर में रामरक्षास्तोत्र और मारुतिस्तोत्र के संस्कार होते थे; किंतु आज की पीढी को धर्मशिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। समाज को धर्माचरण की ओर प्रेरित करना ही समय की मांग है।

हिंदू जनजागृति समिति के अहिल्यानगर जिला समन्वयक श्री. रामेश्वर भुकन ने कहा कि, जिस प्रकार छत्रपति शिवाजी महाराज ने प्रतिकूल परिस्थितियों में हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की, उसी प्रकार वर्तमान समय में बढती सामाजिक चुनौतियों को देखते हुए हिंदू समाज को संगठित होना आवश्यक है।


जालगांव (दापोली)

हिंदुओं की रक्षा हेतु हर गांव में हिंदू ‘इकोसिस्टम’ आवश्यक ! – संजय जोशी, हिंदू जनजागृति समिति

जलगांव (दापोली) – हिंदू धर्म और हिंदुओं पर बढते आघातों की पृष्ठभूमि में हिंदुओं को संगठित होकर स्वयं की सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने का आवाहन हिंदू जनजागृति समिति के श्री संजय जोशी ने किया। वे 21 फरवरी को जलगांव (दापोली) स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर परिसर में आयोजित हिंदू राष्ट्र जागृति सभा में बोल रहे थे। इस सभा को सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरु सत्यवान कदम ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम को धर्मप्रेमियों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला।

श्री संजय जोशी ने कहा कि, हिंदू धर्म और समाज पर आक्रमण दिन-प्रतिदिन बढ रहे हैं। लव जिहाद, धर्मांतरण तथा हिंदू शोभायात्राओं पर हमले जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इन परिस्थितियों से मुकाबला करने के लिए प्रत्येक गांव में हिंदुओं की एक सशक्त इकोसिस्टम (संगठित व्यवस्था) तैयार होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, देश के 9 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं। प्रतिवर्ष लगभग 3.5 लाख लड़कियां और महिलाएं लापता होती हैं। खुली सीमाओं के कारण घुसपैठ की समस्या बढ़ रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से नाम बदलकर हिंदू युवतियों को फंसाने के प्रयासों की तुलना उन्होंने रामायण के कालनेमी प्रसंग से करते हुए सावधान रहने का आवाहन किया।

उन्होंने हिंदुओं से आवाहन किया कि, स्वरक्षा हेतु संगठित होने का अभ्यास करें । कराटे, लाठी-काठी आदि प्रशिक्षण लें।कानूनसम्मत साधनों का उपयोग करें, हिंदू अस्मिता के प्रति दृढता से खडे रहें।

“कलियुग में नामस्मरण ही साधना है” – सद्गुरु सत्यवान कदम

सद्गुरु सत्यवान कदम ने अपने मार्गदर्शन में कहा कि, मनुष्य के जीवन की लगभग 80% समस्याएं आध्यात्मिक कारणों से उत्पन्न होती हैं। इसलिए उन पर आध्यात्मिक उपाय अर्थात साधना आवश्यक है।

उन्होंने बताया, साधना से कष्ट दूर होते हैं या सहन करने की शक्ति मिलती है। प्रत्येक युग में भगवान प्राप्ति का अलग मार्ग बताया गया है। कलियुग में नामजप ही सर्वोत्तम साधना है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा, “यज्ञानां जपयज्ञोस्मि” — जपयज्ञ सर्वोच्च है। नामजप पर स्थान-काल का बंधन नहीं होता, इसलिए यही कलियुग का सबसे सरल मार्ग है।

सभा में लगभग 250 से अधिक धर्मप्रेमी उपस्थित थे।

प्रमुख उपस्थित मान्यवर

श्री केदार साठे, श्री गजानन कांबळे, सरपंच श्री अक्षय फाटक, श्री किशोर देसाई, श्री अशोक जालगावकर, श्री सुरेश मिसाळ, सौ. जया साळवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कार्यक्रम का प्रारंभ दीपप्रज्वलन से हुआ। तत्पश्चात मान्यवरों का सत्कार किया गया और अंत में वंदे मातरम् के साथ सभा का समापन हुआ।


नागपुर

नागपुर – समाज में हिंदू देवताओं और हिंदू धर्म के विषय में फैलाए जा रहे भ्रामक कथानकों को समाप्त करने के लिए ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति सभाओं’ की आवश्यकता है तथा इसमें मंदिरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, ऐसा प्रतिपादन बेल्लोरी के श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर के अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के पदाधिकारी श्री दिलीप कुकड़े ने किया। वे हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा में मार्गदर्शन कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि, मंदिरों को अपने परिसर में शौर्य जागृत करने वाले पारंपरिक खेलों, जैसे तलवारबाजी और दंडपट्टा के प्रशिक्षण हेतु पहल करनी चाहिए। साथ ही गुरुकुल पद्धति की शिक्षा व्यवस्था पुनः स्थापित करने के लिए प्रयास आवश्यक हैं।

मंदिरों में आने वाले भक्तों को धर्मशिक्षा प्रदान करने हेतु धर्मशिक्षण वर्ग और बालसंस्कार वर्ग आयोजित किए जाने चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को केवल अन्न, वस्त्र और निवास तक सीमित न रहकर सनातन धर्म को सशक्त, समृद्ध और संगठित बनाने के लिए योगदान देना चाहिए, ऐसा उन्होंने आवाहन किया।


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