
कोटा (लाडपुरा, राजस्थान) – जिस प्रकार देवताओं के अवतारों के जन्मोत्सव उनकी तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, उसी प्रकार प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी हिंदू को भी अपना जन्मदिन तिथि के अनुसार ही मनाना चाहिए। हिंदू धर्म के 16 संस्कार और पर्व-उत्सव शास्त्र से जुड़े हुए हैं। उनका आचरण करने से जीवन में आनंद और शांति प्राप्त होती है तथा समाज की अनेक बुराइयां दूर होती हैं, ऐसा मार्गदर्शन हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे ने किया।
उन्होंने यह वक्तव्य हिंदू जनजागृति समिति की ओर से एरंडखेड़ा गांव स्थित मंशापूर्ण हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में दिया। कोटा के वरिष्ठ शिक्षक तथा समिति सदस्य श्री कुंजबिहारी शर्मा ने सद्गुरु डॉ. पिंगळे का सम्मान किया।

हिंदू जनजागृति समिति का परिचय समिति के राजस्थान-मध्यप्रदेश समन्वयक श्री आनंद जाखोटिया ने कराया। उन्होंने कहा,
“सनातन धर्म की प्रत्येक परंपरा शास्त्र और विज्ञान पर आधारित है। इसे समझकर स्वीकार किया जाए तो शरीर, मन और जीवन से जुड़ी अनेक समस्याओं का समाधान संभव है।”

इस अवसर पर पूर्व ग्रामप्रमुख ललितेश शर्मा, मेघराज सेन, पवन, देवीशंकर सुमन, बजरंग दल समन्वयक बबलू सुमन, गिरीराज प्रसाद तथा अनेक ग्रामवासी उपस्थित रहे।








