“हिंदुओं, जिहाद के संकट के विरुद्ध संगठित हों!” – अधिवक्ता सर्वेश मेहेंदळे

हडपसर (जिला पुणे) – स्वतंत्रता के बाद हिंदू संगठित न होने के कारण अपने ही देश में अल्पसंख्यक होते जा रहे हैं। ‘वक्फ कानून’, ‘लैंड जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ जैसे माध्यमों से भारत के इस्लामीकरण का सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है, ऐसा प्रतिपादन सनदी लेखापाल एवं अधिवक्ता सर्वेश मेहेंदळे ने किया। वे ‘हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति’ द्वारा महादेववाड़ी (हडपसर) में 8 फरवरी को आयोजित ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा’ में बोल रहे थे।
इस अवसर पर ‘हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति’ के पुणे जिला संयोजक श्री सचिन घुले ने समिति के कार्यों का अवलोकन प्रस्तुत किया। हिंदू जनजागृति समिति की कु. क्रांति पेटकर ने ‘लव जिहाद’ जैसी समस्याओं के समाधान पर मार्गदर्शन करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए धर्मशिक्षा और स्वसंरक्षण प्रशिक्षण समय की आवश्यकता है। सभा में 150 से अधिक धर्मप्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम का आरंभ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पूजन से हुआ। गोरक्षा और धर्मकार्य करने वाले कु. शिवांश शुक्ला का सत्कार अधिवक्ता मेहेंदळे के हाथों किया गया।
🚩“The first Hindu Rashtra Jagruti Sabha of the Hindu Rashtra Samanvay Samiti was successfully held at Hadapsar, #Pune. The overwhelming response of Hindutva-oriented and Dharma-loving Hindus shows the rising awakening for the establishment of #HinduRashtra.”#HinduJagruti… pic.twitter.com/fbu2U42Z87
— Sunil Ghanwat 🛕🛕 (@SG_HJS) February 9, 2026
वक्फ कानून के दुरुपयोग और धर्मरक्षा हेतु हिंदुओं के संगठन का आह्वान – अधिवक्ता सर्वेश मेहेंदळे

उन्होंने कहा कि 1995 के वक्फ कानून का दुरुपयोग कर देश में 8 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर कब्जा किया गया है तथा रेलवे और रक्षा विभाग के बाद वक्फ बोर्ड के पास सर्वाधिक भूमि है। पुणे में 1,200 से अधिक संपत्तियां वक्फ प्रॉपर्टी घोषित की गई हैं। किसी भी स्थान को ‘इस्लामी धर्मकार्य’ बताकर कब्जा करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि “धर्म रहेगा तो ही हम रहेंगे” और छत्रपति संभाजी महाराज का आदर्श लेकर हिंदुओं को संगठित होना चाहिए।

सभा की विशेषताएं
- बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
- महिलाओं की भी उत्स्फूर्त सहभागिता रही।
- कार्यक्रम के बाद युवाओं ने वक्ताओं से मिलकर आगे के कार्य हेतु मार्गदर्शन लिया।
- स्वागत कक्ष के पास लगे स्वसंरक्षण प्रशिक्षण स्टॉल को भी अच्छा प्रतिसाद मिला।
सहयोग
सभा के आयोजन और प्रसार में अनेक कार्यकर्ताओं और धर्मप्रेमियों ने सक्रिय सहयोग दिया। महिला कार्यकर्ताओं ने घर-घर संपर्क कर सभा के लिए प्रेरित किया। कई हिंदुत्वनिष्ठ नागरिकों ने अल्पाहार, पेयजल, फ्लेक्स और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। युवाओं ने प्रतिदिन समय देकर प्रसार सेवा की और अधिकाधिक लोगों को कार्यक्रम से जोड़ा। महिलाओं के लिए बैठकों और प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन भी किया गया।
“लव जिहाद” और जनसंख्या वृद्धि पर विचार
वक्ताओं ने कहा कि ‘लव जिहाद’ के माध्यम से हिंदू युवतियों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर उनका धर्मांतरण किया जा रहा है। 1947 में भारत में मुस्लिम जनसंख्या 8.1% थी, जो 2026 तक लगभग 20% तक पहुंचने की संभावना बताई जा रही है। इसे उन्होंने ‘पॉप्युलेशन जिहाद’ कहा। साथ ही ‘पी.एफ.आई.’ जैसी संस्थाओं द्वारा 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के कथित उद्देश्य का भी उल्लेख किया गया।








