
वाराणसी (उत्तरप्रदेश) के कपसेठी क्षेत्र के बाराडीह स्थित भुसौला गांव में ‘वैष्णवी मेजवानी एंड लॉन’ में ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा’ का आयोजन किया गया। इस सभा में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए हिंदू जनजागृति समिति के श्री राजन केसरी ने कहा कि, अयोध्या के श्रीराम मंदिर पर फहराया गया भगवा धर्मध्वज केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद प्राप्त विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शाश्वत और विश्वकल्याणकारी हिंदू धर्म को समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि विरोधियों को यह समझ में आ गया है कि यही धर्म इस राष्ट्र की आत्मा है।
उन्होंने आगे कहा कि, देश पर नियंत्रण पाने के लिए हिंदू धर्म और हिंदुओं को लक्ष्य बनाया जा रहा है। वक्फ कानून, पूजास्थल कानून, मंदिरों का सरकारी अधिग्रहण, हिंदू शोभायात्राओं पर हमले तथा विभिन्न प्रकार के जिहाद जैसे विषय इसके उदाहरण हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि, सभी हिंदू अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार एकत्रित होकर हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए कार्य करें।

इस अवसर पर सनातन संस्था की सौ. प्राची जुवेकर ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए धर्माचरण अनिवार्य है। हिंदू धर्म में बताई गई प्रत्येक धार्मिक क्रिया के पीछे वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक आधार है। धर्माचरण से धर्माभिमान जागृत होता है और धर्मकार्य करने के लिए आध्यात्मिक शक्ति की आवश्यकता होती है। यह शक्ति साधना से प्राप्त होती है।
उन्होंने सभी हिंदुओं से भगवान श्रीकृष्ण के “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” नामजप का आग्रह किया।
सभा में राष्ट्र एवं धर्म से संबंधित फ्लेक्स, सनातन संस्था के ग्रंथों तथा सात्त्विक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। अंत में उपस्थित हिंदुओं ने हिंदू राष्ट्र स्थापना के कार्य में संगठित होकर कार्य करने की प्रतिज्ञा ली।








