हिंदू राष्ट्र के लिए हिंदुओं को जागृत और संगठित करना आवश्यक – संजय जोशी, हिंदू जनजागृति समिति

राजापुर – स्वतंत्रता के बाद भारत देश मुस्लिम-समर्थक नेताओं के हाथों में चला गया, जिसके कारण बहुसंख्यक हिंदुओं को अन्याय सहना पड़ा। आपातकाल के समय संविधान में असंवैधानिक संशोधन करके देश को धर्मनिरपेक्ष बना दिया गया, जिससे हिंदुओं पर होने वाले आघातों में बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई। बीते 78 वर्षों में लव जिहाद, लैंड जिहाद सहित विभिन्न प्रकार के जिहाद, धर्मांतरण, घुसपैठ, भ्रष्टाचार, मंदिरों का सरकारीकरण आदि आघातों के कारण हिंदू धर्म और राष्ट्र के लिए खतरा उत्पन्न हुआ है। यदि अपने देश और हिंदुओं की रक्षा करनी है, तो हिंदू राष्ट्र हेतु प्रत्येक हिंदू को जागृत कर हिंदुओं का प्रभावी संगठन करना आवश्यक है, यह मार्गदर्शन हिंदू जनजागृति समिति के श्री संजय जोशी ने किया।
हिंदू जनजागृति समिति की ओर से 18 जनवरी को तालुका के ओणी स्थित ‘सावली कृषि पर्यटन’ के सभागृह में दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक ‘हिंदू राष्ट्र संगठक कार्यशाला’ आयोजित की गई। उस समय वे संबोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला में तालुका के पाचल, ओणी, रायपाटण तथा लांजा तालुका के धर्मप्रेमी एवं हिंदुत्वनिष्ठ लोग उपस्थित थे। कार्यशाला का उद्देश्य श्री वसंत दळवी ने बताया तथा सूत्रसंचालन श्री चिंतामणी रबसे ने किया।
इस अवसर पर हिंदू जनजागृति समिति के श्री गोविंद भारद्वाज ने “आध्यात्मिक नेतृत्व क्या होता है?”, भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श नेतृत्व कैसा था—यह उदाहरणों सहित स्पष्ट किया।
श्री विनय पानवळकर ने राष्ट्र और धर्मकार्य में सहभागी होने के लिए साधना क्यों आवश्यक है, साधना का महत्व तथा नामजप का महत्व इन विषयों पर मार्गदर्शन किया।
उपस्थित धर्मप्रेमियों के अभिप्राय
श्री चंद्रशेखर स्वामी, लांजा – समिति का कार्य अलग प्रकार का है। समय की आवश्यकता को पहचानकर समिति हिंदुओं को संगठित करने का कार्य कर रही है।
श्री किशोर सिनकर, लांजा – समिति का कार्य प्रशंसनीय है। इस कार्य में सहभागी होने की इच्छा है।
डॉ. शैलेश शिंदे-देसाई, ओणी – जितना संभव होगा, हम प्रयास करेंगे और सहायता भी करेंगे। हमारी जगह आपके लिए कभी भी उपलब्ध रहेगी।
श्री मंगेश पराडकर, रायपाटण – हिंदू धर्म पर हो रहे आघातों के विरोध में सक्रिय सहभाग रहता है। गोवंश तस्करी, फिलिस्तीन के समर्थन में एक दुकानदार द्वारा उसके बिल के नीचे लिखे गए लिखाण का विरोध कर शिकायत करना तथा बिल रहित करने के लिए आवाज उठाना, और छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में अपमानजनक संदेश मोबाइल पर रखने वाले व्यक्ति के विरुद्ध हुए विरोध-प्रदर्शन में भाग लिया था।
डॉ. सावली गोते, पाचल – हिंदुओं को संगठित होना चाहिए, हिंदू राष्ट्र की आवश्यकता, तथा साधना का महत्व—यह बात सभी के मन में बिठाई गई।








