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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने जेम्स लेन की किताब में छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में अपमानजनक लेखों के लिए माफी मांगी

  • राजमाता जिजाऊ के सम्मान में झुका ऑक्सफोर्ड

  • 2 दशक बाद मांगी माफी

​केवल क्षमा मांगने से क्या लाभ ? राजमाता जिजाऊ के विषय में आपत्तिजनक लेखन करने वाले जेम्स लेन पर क्या कार्रवाई की जाएगी, यह भी ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ को स्पष्ट करना चाहिए ! महाराष्ट्र की शिवप्रेमी जनता इस उत्तर की प्रतीक्षा कर रही है ! – सम्पादक, हिन्दुजागृति

​मुंबई – दो दशक पूर्व जेम्स लेन की ‘शिवाजी – हिन्दू किंग इन इस्लामिक इंडिया’ इस पुस्तक में राजमाता जिजाऊ के विषय में विवादास्पद लेखन प्रकाशित करने के प्रकरण में पुस्तक के प्रकाशक ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ ने सार्वजनिक क्षमा मांगी है । इसमें सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले एवं महाराष्ट्र की जनता से क्षमायाचना की गई है । ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ का संचालन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा किया जाता है । वर्ष २००३ में यह पुस्तक प्रकाशित हुई थी ।

​‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ ने कहा है कि…

​१. पुस्तक में पृष्ठ संख्या ३१ , ३३ , ३४ एवं ९३ पर कुछ आपत्तिजनक कथन प्रकाशित किए गए थे । कथनों की सत्यता का परीक्षण किए बिना ही उन्हें प्रकाशित किया गया । इस त्रुटि के लिए हमें अंतःकरण से दुःख है ।

२. सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले एवं जनता को हुई पीडा के लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं ।

३. इन कथनों के कारण शिवप्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं, इसके लिए हम खेद व्यक्त करते हैं ।

हिन्दू जनजागृति समिति ने भी किया था विरोध

इस विषय में 2010 में इस पुस्तक के विरोध में हिन्दू जनजागृति समिति ने व्यापक स्तर पर विरोध किया था। इस विषय में भारत भर में अनेक स्थानों पर आंदोलन किए गए, कारवाई होने के लिए ज्ञापन प्रस्तुति की गई।

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