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हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए नारीशक्ति का संगठन समय की आवश्यकता है – काजल हिंदुस्थानी

पर्वरी – हिन्दू धर्म पर चारों ओर से हमले हो रहे हैं। इन हमलों को रोकने के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के बिना कोई विकल्प नहीं है। इसके लिए हिंदुओं का संगठित होना समय की मांग है। यह कार्य नारीशक्ति के बिना संभव नहीं है। इसलिए गोवा की नारीशक्ति धर्मस्थापना के कार्य में सक्रिय रूप से सहभागी हो, आवाहनन काजल हिंदुस्थानी ने किया।

यह कार्यक्रम रविवार, 4 जनवरी को यहां श्री स्वामी विवेकानंद सभागृह में हिन्दू जागरण मंच द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में ‘महिला सुरक्षा और सम्मान’ विषय पर हिंदुत्वनिष्ठ वक्ता एवं सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदुओं में जागरूकता फैलाने वाली काजल हिंदुस्थानी ने संबोधन किया। इस अवसर पर प.पू. हरि श्रद्धानंदजी (श्रद्धायोग आश्रम), श्री सुरेश बी. राजपूत (कार्यकारी सदस्य, अखिल भारतीय बजरंग सेवा संघ), श्री हनुमंत एस. सिरूर (अध्यक्ष, अखिल गोवा कन्नड़ महासंघ), श्री प्रदीप शेट (अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति मोर्चा), श्री गजेंद्रसिंह राजपुरोहित (उत्तर भारतीय विभाग, गोवा), श्री जसवंतसिंह भाटी (अध्यक्ष, वास्को गुरुद्वारा साहेब, गोवा) तथा श्री सूरज सिंह (अध्यक्ष, गुरुद्वारा, भाटी–पणजी) मंच पर उपस्थित थे।

अपने संबोधन में काजल हिंदुस्थानी ने लव जिहाद, लैंड जिहाद और धर्मांतरण इन तीन मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारा गौरवशाली इतिहास योजनाबद्ध तरीके से स्कूल की पाठ्यपुस्तकों से हटाया गया है। बॉलीवुड और दूरदर्शन माध्यमों से लव जिहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। फिल्मों के माध्यम से हिन्दू युवतियों और मुस्लिम युवकों के प्रेम संबंधों को प्रोत्साहित किया गया, जिससे हिन्दू युवतियां लव जिहाद का शिकार बनती जा रही हैं। हम अपनी बेटियों को अत्यधिक लाड़-प्यार में पालते हैं और घर में उन्हें हर प्रकार की स्वतंत्रता देते हैं, बिना किसी धार्मिक संस्कार के। परिणामस्वरूप, जो लड़की अपने भाइयों के साथ आइसक्रीम या चॉकलेट साझा नहीं करती, वही तीन शादियां कर चुके व्यक्ति के साथ घर बसाने के लिए भाग जाती है। अब तो विवाहित हिन्दू महिलाएं भी दो बच्चों और पति को छोडकर मुस्लिम पुरुषों के साथ भागने की घटनाएं बढ़ रही हैं। यदि ऐसे अधर्म के बढ़ते प्रसार के बीच हम मौन रहें या ‘यह मेरे घर का मामला नहीं’ कहकर चुप बैठें, तो एक दिन हम स्वयं भी इसका शिकार बनेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि गोवा की महिलाओं को धर्मस्थापना के कार्य में सहभागी होने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे। धर्मकार्य की शुरुआत अपने घर से करें। परिवारजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से लव जिहाद, लैंड जिहाद और धर्मांतरण जैसे विषयों पर चर्चा करें और कम से कम पांच लोगों में जागरूकता फैलाएं। हिंदुओं के लिए कार्य करने वाले किसी संगठन में सक्रिय रूप से जुड़ें। बच्चों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दें। कट्टरपंथियों के हाथ का भोजन करना बंद करें और केवल सनातन धर्म का पालन करने वालों के भोजनालयों में ही भोजन करें। खरीदारी हिन्दू व्यापारियों से ही करें, ताकि धन का उपयोग अपने समाज की उन्नति के लिए हो। चित्त शुद्धि के लिए प्रतिदिन ध्यान, साधना और उपासना करें।

कार्यक्रम का सूत्रसंचालन सुखदा बोरकर ने किया तथा आभार प्रदर्शन सरिता बोरकर ने किया। इस कार्यक्रम में लगभग 250 धर्मप्रेमी उपस्थित थे, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी।

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