जादूटोना कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग
पालघर जिले के वसई पूर्व होली फॅमिली कॉन्वेंट हाईस्कूल के 31 दिसंबर 2025 के स्नेह सम्मेलन में विद्यार्थियों ने यीशु के स्पर्श से अंधे का ठीक होना, लंगड़ा चलना आदि असाध्य रोग ठीक करने वाले चमत्कारों का नाट्यमय प्रदर्शन विद्यार्थीद्वारा कराया गया । सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मामला गंभीर दिखता है । समिति ने तत्काल कार्रवाई हेतु वसई-विरार पुलिस उपायुक्त, माणिकपुर पीआई एवं परिमंडल-२ डीसीपी को प्रत्यक्ष ज्ञापन सौंपा ।
मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, जिला कलेक्टर को भी प्रति भेजी है । ज्ञापन के समय समिति के श्री विलास निकम, श्री प्रशांत पाटील, श्री अतुल मेहता, श्री संदीप तुळसकर एवं श्री जामकर उपस्थित थे ।
🏫 #वसई होली फॅमिली शाळेत येशू चमत्कारांचे नाट्य !
🔴 अंधश्रद्धा पसरवून धर्मांतराचे षड्यंत्र – जादूटोणा कायद्याने गुन्हा नोंदवा – हिंदु जनजागृती समितीची मागणी
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— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) January 3, 2026
शिकायत में कहा कि यह अवैज्ञानिक प्रदर्शन महाराष्ट्र जादूटोना निषेध अधिनियम 2013 धारा 3 के अंतर्गत दंडनीय है, जिसमें तथाकथित चमत्कार प्रचार शामिल है । स्कूल में अंधविश्वास फैला कर बच्चों के कोमल मन पर अवैज्ञानिक धारणाएं बिठाई जाती हैं । मानसिक विकास प्रभावित होता है एवं झूठे चमत्कारों से यीशु की गलत छवि बना कर विद्यार्थियों का धर्मांतरण षड्यंत्र रचा जा रहा ।
समिति ने स्कूल प्रशासन जांच, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों का निलंबन, एफआईआर एवं सभी स्कूलों हेतु दिशानिर्देश की मांग की है । श्री सुनील घनवट आगे बोले, ‘‘स्कूल में हिंदू बच्चों के कोमल मन पर झूठे चमत्कार बिठा कर धर्मांतरण का विघटनकारी षड्यंत्र है । शिक्षा विवेक जगाने वाली हो, चमत्कार-अंधविश्वास की नहीं । प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे ।”
वसई (महाराष्ट्र): ‘होली फैमिली’ स्कूल के स्नेह-सम्मेलन में यीशु के पात्र के माध्यम से अंधविश्वास का प्रसार
भगवा वस्त्र धारण किए हुए यीशु को दिखाने का प्रकार !
ईसाई विद्यालयों के माध्यम से किसी न किसी मार्ग से धर्मांतरण का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष प्रयास कैसे होता रहता है ?, यह उसी का उदाहरण है । इस कार्यक्रम को धर्मांतरण की गुप्त चाल कहना क्या अनुचित होगा ? – सम्पादक, हिन्दुजागृति

वसई (जनपद पालघर) – यहां के ‘होली फैमिली’ विद्यालय के स्नेह-सम्मेलन के एक कार्यक्रम में यीशु का पात्र विद्यार्थियों के विविध रोगों का उपचार करते हुए दिखाया गया, जिसका चलचित्र (वीडियो) ‘जय महाराष्ट्र’ समाचार वाहिनी पर प्रसारित किया गया । इतना ही नहीं, अपितु यीशु के उस पात्र को भगवा वस्त्र धारण किए हुए भी दिखाया गया ।
वसई स्थित ‘होली फैमिली’ विद्यालय के स्नेह-सम्मेलन में यीशु के पात्र के माध्यम से अंधविश्वास का प्रसार !
क्या अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) वाले ऐसे कार्यक्रमों के विषय में कुछ नहीं बोलते ? इस विद्यालय के विरुद्ध परिवाद (शिकायत) करने का धैर्य उनमें क्यों नहीं है ?
पढे… pic.twitter.com/2Sp7HU8X6s
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 2, 2026
इस चलचित्र में ‘यीशु एक अंधे बालक को दृष्टि प्रदान करता है , एक विकलांग बालक के पैर स्वस्थ करता है , उसके पश्चात अनेक बालक उसके चारों ओर घेरा बनाकर नृत्य करते हैं । दो बालक झगडा कर रहे होते हैं , तब वह उनका विवाद सुलझाकर उन्हें एकत्र लाता है’ , ऐसा दर्शाया गया है ।








