छत्रपति शिवराय के विचारों को प्रत्यक्ष जीवन में उतारना आवश्यक – अधिवक्ता यशश्री तडवळकर-मराठे

सोलापुर – देश में इतिहास, जनसंख्या नियंत्रण, लव जिहाद, पोक्सो कानून की कार्यवाही तथा भूमि अधिग्रहण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। धर्म और संस्कृति की रक्षा करते हुए समाज की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। समाजविघातक प्रवृत्तियों पर समय रहते रोक लगाना आवश्यक है। छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को समझकर वर्तमान काल में उसका आचरण करना ही वास्तव में छत्रपति शिवराय को अनुभव करना है, ऐसे विचार अधिवक्ता यशश्री तडवळकर-मराठे ने व्यक्त किए।
हिन्दू जनजागृति समिति की ‘एक दिन छत्रपति शिवराय के सान्निध्य में’ इस मुहिम को सोलापुर, अक्कलकोट तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। यह अभियान 28 दिसंबर को सुबह 9 बजे भुईकोट किले पर प्रारंभ हुआ। इस मुहिम में 110 से अधिक धर्मप्रेमी सहभागी हुए।
भुईकोट किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज की पूजा-अर्चना एवं नामजप कर अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात किले की स्वच्छता की गई और सभी प्रतिभागियों ने किले का निरीक्षण किया।
अभियान के समापन अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के श्री दत्तात्रय पिसे ने उपस्थित धर्मप्रेमियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गीत को 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी गणतंत्र दिवस से पूरे भारत में संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
इस अभियान में युवक, युवतियां तथा समिति के कार्य में सहभागी धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। किले की स्वच्छता पूर्ण होने के पश्चात सभी धर्मप्रेमी एकत्रित हुए और राष्ट्रभक्ति के घोष लगाए गए।








