
मुंबई – किले-दुर्गों पर शराब, असभ्य व्यवहार, तोडफोड, प्लास्टिक कचरा फैलाने और अनधिकृत ठहराव जैसे कृत्यों को रोकने के लिए गडदुर्ग संवर्धन प्रतिष्ठान ‘कडा पहरा’ अभियान चला रहा है। इसके तहत 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के 243 किले-दुर्गों पर दुर्ग-प्रेमी पहरा देंगे। यह जानकारी प्रतिष्ठान के महाराष्ट्र राज्य संस्थापक श्री योगेश सोनवणे ने दी। इस अभियान को महाराष्ट्र शासन का भी सहयोग मिलेगा।
स्थानीय ग्राम पंचायतों, पुलिस प्रशासन, वन विभाग और राज्य पुरातत्व विभाग के सहयोग से यह अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान में प्रतिष्ठान के संस्थापक श्री योगेश सोनवणे, प्रदेशाध्यक्ष श्री अभिषेक नवले, संपर्क प्रमुख नम्रता मोटे, शीतल श्रीखंडे, पालवी रसाळ, गार्गी पाटील, दीपेश वारंग, मानसी चव्हाण, वरद जोशी, महेश गुंजीकर, महेश चव्हाण, छाया सोनवणे, कुंडलिक झिने, नीलेश फटांगरे और मयूर भितळे प्रमुख रूप से भाग लेंगे।
इन स्थानों पर चलेगा अभियान
पुणे विभाग में 24 ऐतिहासिक स्मारक, मुंबई विभाग में 31, रत्नागिरी विभाग में 15, सातारा विभाग में 19, सांगली विभाग में 7, कोल्हापुर-बेळगाव विभाग में 14, सोलापुर विभाग में 6, जळगांव विभाग में 6, नाशिक विभाग में 32, रायगड विभाग में 29, सिंधुदुर्ग में 13, छत्रपती संभाजीनगर में 6, जालना, नांदेड, बीड, धाराशिव और अमरावती में प्रत्येक 2, बुलढाणा, नागपुर और धुळे में प्रत्येक 3, यवतमाळ और नंदुरबार में प्रत्येक 1, तथा अकोला विभाग में 4 ऐतिहासिक स्मारकों पर यह अभियान चलाया जाएगा।
किले-दुर्गों का संरक्षण हर नागरिक का कर्तव्य – गडदुर्ग संवर्धन प्रतिष्ठान
ईसाई नववर्ष के स्वागत के अवसर पर किले-दुर्गों पर अनुचित गतिविधियां होती हैं। ऐतिहासिक स्मारक छत्रपती शिवाजी महाराज तथा अनेक वीरों की वीरता के प्रतीक हैं। वहां होने वाले गैरकृत्य वीरों के गौरवशाली इतिहास को कलंकित करते हैं। इस अभियान के अंतर्गत हर स्थान पर अनुशासित ढंग से निरीक्षण, जनजागृति और जहां आवश्यक हो वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। किले-दुर्गों का संरक्षण केवल प्रशासन की ही नहीं, अपितु प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।








