प्राथमिक उपचार राष्ट्रसेवा और समाजसेवा हैं – भूषण देवरुखकर, हिंदू जनजागृति समिति

पालघर – प्राथमिक उपचार की आवश्यकता हमारे पारिवारिक जीवन में कभी भी पड़ सकती है। हार्ट अटैक, आग लगने से जलना, दुर्घटनाएं या भगदड़ जैसी घटनाओं के समय समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। संकट की घड़ी में किया गया प्राथमिक उपचार ही राष्ट्रसेवा और समाजसेवा है। देश का प्रत्येक नागरिक प्रशिक्षित प्राथमिक उपचारकर्ता होना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन श्री भूषण देवरुखकर ने किया।
हिंदू जनजागृति समिति की ओर से 14 दिसंबर 2025 को उमरोली, जिला पालघर में नेशनल कन्नड एजुकेशन सोसाइटी महाविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा के दौरान विद्यार्थियों के लिए ‘प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण का महत्व’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर वे बोल रहे थे। कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय की प्राचार्या सौ. नेहा तिवारी का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। प्राध्यापक श्री देवाशीष एवं उनके सहयोगियों ने समिति के कार्यकर्ताओं का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
श्री भूषण देवरुखकर ने विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार की परिभाषा और उसका महत्व समझाया। दैनिक जीवन के उदाहरण देकर उन्होंने प्राथमिक उपचार की आवश्यकता स्पष्ट की।
उन्होंने नाक से रक्तस्राव होने पर क्या करें, नाड़ी की जांच कैसे करें, बेहोशी आने पर क्या उपाय करें – इन विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर कुछ विद्यार्थियों से प्राथमिक उपचार के प्रायोगिक अभ्यास भी करवाए गए।
विवादित ‘सनबर्न’ पर भी जागरूकता
इस अवसर पर समिति के श्री पंडित चव्हाण ने मुंबई में होने वाले विवादित ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया। गोवा और पुणे में हुए इन आयोजनों में शराब और नशीले पदार्थों के अत्यधिक सेवन से युवाओं की मौत, तथा नशा तस्करों के पकड़े जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इससे स्पष्ट है कि यह कार्यक्रम युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाला है। इसलिए विद्यार्थियों को ऐसे हानिकारक कार्यक्रमों से दूर रहना चाहिए और अपने मित्रों को भी इसके बारे में जागरूक करना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाएं
कु. महालक्ष्मी कडाली – इस व्याख्यान से प्राथमिक उपचार की आवश्यकता समझ में आई। व्याख्यान बहुत अच्छा लगा।
कु. शुभम गुप्ता – आज कुछ नया सीखने को मिला। प्राथमिक उपचार की सरल तकनीकें समझ में आईं।








