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युवा वारकरी परिषद : शैक्षणिक संस्थानों में हिंदू श्रद्धा–परंपराओं का रक्षा हों – श्री. सुनील घनवट, हिंदू जनजागृति समिति

  • हिन्दू जनजागृति समिति की शिक्षामंत्री से मांग

  • संत वाङ्मय को शालेय पाठ्यक्रम में शामिल करने की युवा वारकरी परिषद में मांग

‘छत्रपति शिवरायों के बारे में महाराष्ट्र के स्कूलों में शिक्षा अनिवार्य की जाएगी!’ – शिक्षा मंत्री दादा भुसे

‘वारकरी संप्रदाय युवा मंच’ द्वारा आयोजित 10वीं युवा वारकरी परिषद में उपस्थित मान्यवर

पुणे – ‘वारकरी संप्रदाय युवा मंच’ द्वारा आयोजित 10वीं युवा वारकरी परिषद हाल ही में पुणे में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस परिषद में वारकरी संप्रदाय की प्रमुख मांगों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री श्री दादा भुसे ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

उन्होंने स्पष्ट किया – “महाराष्ट्र के सभी माध्यमों के स्कूलों में छत्रपति शिवाजी महाराज के विषय में शिक्षा अनिवार्य की जाएगी और इस निर्णय को केंद्रीय शिक्षा मंत्री की भी सकारात्मक सहमति मिली है।”

शिक्षा मंत्री श्री दादा भुसे का सम्मान करते हुए उपस्थित मान्यवर

वारकरी संप्रदाय युवा मंच की स्थापना वर्ष 2009 में ह.भ.प. चैतन्य महाराज देगलूरकर तथा ह.भ.प. प्रमोद महाराज जगताप की संकल्पना से हुई। परिषद में हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य संघटक श्री सुनील घनवट ने शासन के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें प्रस्तुत कीं। इस समय महंत गुरुवर्य प.पू. रामगिरी महाराज ने कहा, “यह सरकार अध्यात्म के अनुकूल है।”

समिति के श्री सुनील घनवट ने निम्नलिखित मांगें शासन के समक्ष रखीं

श्री. सुनील घनवट

१. संतों का आदरपूर्वक उल्लेख करना अनिवार्य करें : वर्तमान में पाठ्यपुस्तकों में संतों का साधारण उल्लेख होता है (जैसे– संत तुकाराम, संत ज्ञानेश्वर)। इसके स्थान पर आदरसूचक उल्लेख जैसे – “संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर माऊली”, “जगद्गुरु तुकाराम महाराज” अनिवार्य किया जाए।

२. गणपति और सरस्वती देवी के चित्र हटाने के आदेश को रद्द करें : वर्ष 2020 में मंत्री गिरीश महाजन के समय कुछ समूहों ने विद्यालयों से गणपति व सरस्वती देवी के चित्र हटाने की मांग की थी। इस संदर्भ में जारी आदेश तुरंत रद्द किए जाएं।

३. ‘जय श्रीराम’ बोलने पर छात्र की पिटाई जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई : पेण (रायगढ़) में ‘जय श्रीराम’ कहने पर एक मुस्लिम शिक्षक ने अल्पवयीन हिंदू छात्र की अमानवीय पिटाई की। ऐसी घटनाओं पर कठोर कारवाई हो तथा शासन लिखित आदेश जारी करे।

४. ‘वैज्ञानिक जाणिवा’ प्रकल्प बंद करें : अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा संचालित इस प्रकल्प से स्कूल–कॉलेजों में हिंदू त्योहारों, परंपराओं और आस्थाओं के विरुद्ध छात्रों का मानसिक पक्षपात किया जा रहा है और नास्तिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस प्रकल्प को तुरंत बंद किया जाए और संबंधित स्कूलों को आवश्यक आदेश दिए जाएं।

शिक्षा मंत्री का सकारात्मक प्रतिसाद

वारकरियों की मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए शिक्षा मंत्री श्री दादा भुसे ने कई मुद्दों पर बल दिया..

१. समिति गठन : समाज प्रबोधन का कार्य करने वालों को आगे बढ़ाने के लिए शासन एक समिति गठित करेगा तथा सभी सुझावों पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

२. राष्ट्रभक्त विद्यार्थी : राष्ट्रभक्त विद्यार्थी निर्माण हेतु पूर्व सैनिकों का सहयोग लिया जाएगा।

३. विश्व रिकॉर्ड : 15 अगस्त की तरह 26 जनवरी को भी देशभक्ति आधारित परेड का विश्व रिकॉर्ड बनाने का शासन का उद्देश्य है।

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