१. विरार (पालघर) स्थित अर्नाळा जलदुर्ग की यात्रा!

पालघर – छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके मावलों के गौरवशाली शौर्य, राष्ट्र-धर्म के लिए उनके अद्वितीय योगदान को हिंदू युवक-युवतियों के मन में दृढ कराना, तथा वर्तमान समय में हिंदू संगठन की आवश्यकता, राष्ट्र और धर्म के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भान करून देने के उद्देश्य से हिंदू जनजागृति समिति ‘एक दिवस छत्रपति शिवरायों के सान्निध्य में’ यह अभियान चलाती है। इसी अंतर्गत अर्नाळा जलदुर्ग का भ्रमण किया गया। इस अभियान को उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला और अनेक युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभाग लिया।

सबसे पहले अर्नाळा गाँव की स्थानदेवता श्री गणेश, श्री कालिकामाता और श्री शीतलतादेवी के दर्शन किए गए। सौ. नंदा सावंत ने देवी की ओटी भरी। दुर्ग के प्रवेशद्वार पर स्थित छत्रपति शिवरायों की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर धर्मप्रेमी श्री भूषण तामोरे ने पुष्पहार अर्पित किया। वहाँ के श्री दत्त मंदिर और पंचलिंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। अंत में श्री संदीप गवंडी ने उपस्थित लोगों को ‘धर्मकार्य की दिशा’ विषय पर संबोधित किया। समिति के स्वसंरक्षण प्रशिक्षण वर्ग के युवाओं ने दंड-साखळी (लाठी) की प्रात्यक्षिकाएँ प्रस्तुत कीं। उसके बाद दुर्ग-भ्रमण कर अभियान का समापन किया गया।


विशेष – मंदिर में स्वच्छता करने वाली दो महिलाओं की भगवान के प्रति सरल भक्ति स्पष्ट दिखाई दे रही थी। वे बीच-बीच में भोलेनाथ को पुकार रही थीं और सेवा करते समय उनका नामजप लगातार चल रहा था। उन्होंने कहा, “आपकी यह यात्रा भगवान की योजना है, आपके कारण मंदिर की सफाई जल्दी पूरी हो गई।”
‘सनबर्न’ जैसे कार्यक्रमों को लेकर युवा वर्ग सावधान रहे! – संदीप गवंडी, हिंदू जनजागृति समिति
युवाओं को नशीले पदार्थों की ओर धकेलने वाले ‘सनबर्न’ जैसे कार्यक्रम राष्ट्र की युवा शक्ति को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। युवा वर्ग को इन खतरों को पहचानकर सतर्क रहना चाहिए।
अभिप्राय
श्री भूषण तामोरे: छत्रपति शिवरायों का इतिहास आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए ऐसे उपक्रम निरंतर होते रहना चाहिए।
कु. दुर्गेश सप्रे: ऐसा अभियान हमारी संस्कृति को एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का उत्तम साधन है!
२. सांकशी किल्ला (रायगड, महाराष्ट्र)












