जिम्मेदार अधिकारियों, शिक्षकों और आयोजकों पर तुरंत देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए !

बीड – महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा हाल ही में दिए गए कड़े चेतावनी—“औरंगज़ेब की सोच रखने वालों को बख्शा नहीं जाएगा”—के उपरांत, बीड जिले के मजलगांव स्थित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय में ‘क्रूरकर्मा टीपू सुल्तान’ की जयंती मनाए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
सरकारी परिपत्र में किसी प्रकार का उल्लेख न होते हुए भी एक अत्याचारी शासक का महिमामंडन करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाकर राज्य की शांति व्यवस्था को भंग करने का गंभीर प्रयास है।
इस राष्ट्रविरोधी कृत्य के लिए संबंधित शिक्षकों, आयोजकों एवं लापरवाह शिक्षा अधिकारियों पर तत्काल देशद्रोह सहित कठोर धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग हिन्दू जनजागृति समिति ने की है।
A shocking incident from Majalgaon (#Beed): a ZP primary school celebrated the birth anniversary of the tyrant #Tipu_Sultan . Glorifying a ruler known for forced conversions, temple destruction and massacres is a direct attack on #Hindu_sentiments.#Hindu Janajagruti Samiti has… pic.twitter.com/fBHYZ1EvYb
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) November 21, 2025
समिति के कहा है, टीपू सुल्तान कोई आदर्श राजा नहीं था, बल्कि उसने हिंदुओं के जबरन धर्मांतरण, मंदिरों के विध्वंस तथा हजारों निर्दोष हिंदुओं की हत्या जैसे क्रूर अत्याचार किए। एक ओर पूरा महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों का अनुसरण करता है, वहीं दूसरी ओर सरकारी तंत्र का हिस्सा होने वाले विद्यालय में ऐसे अत्याचारी व्यक्ति का गुणगान करना नई पीढ़ी को गलत इतिहास सिखाने और राष्ट्रविरोधी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने के समान है।
समिति ने यह भी प्रश्न उठाया है कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट चेतावनी के उपरांत यह कार्यक्रम प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुआ या इसके पीछे किसी हिन्दू-विरोधी षड्यंत्र की भूमिका है । इसका व्यापक और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
हिन्दू जनजागृति समिति की स्पष्ट मांग है कि इस कार्यक्रम के आयोजन में शामिल शिक्षक, मुख्याध्यापक तथा लापरवाह शिक्षा अधिकारियों पर भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत धार्मिक भावनाएँ आहत करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के आरोप में त्वरित एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही संबंधित शिक्षकों को तत्काल निलंबित किया जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर तुरंत और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो हिन्दू जनजागृति समिति व्यापक जनआंदोलन शुरू करने में पीछे नहीं हटेगी।








