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सरकारी बस का दुरुपयोग : बेंगलूरु महानगर परिवहन महामंडल की बस बनी अवैध धर्मप्रचार का माध्यम !

  • हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता मोहन गौडाजी ने ‘एक्स’ पर विरोध किया, जिसके पश्चात् महामंडल ने बस पर लगे ईसाई धर्मप्रचार के स्टिकर्स हटाए ।
  • अनुमति के बिना लगाये गए थे स्टिकर्स

बेंगलूरु (कर्नाटक) – यहां ‘बीएमटीसी’ (बेंगलूरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन – बेंगलूरु महानगर परिवहन महामंडल) की बस की कांच पर, आंतरिक भाग में ईसाई धर्म का प्रचार करनेवाले ‘स्टिकर्स’ अवैध रूप से लगाए गए थे ।

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श्री. मोहन गौडाजी आगे बोले कि,

१. वर्तमान में बेंगलूरु में ईसाई धर्म का बहुत तेजी से प्रचार जारी है एवं इस प्रचार के कारण हिन्दुओं के विरुद्ध अनेक स्थानों पर हिंसाचार हो रहा है ।

२. मैंने इस विषय में बेंगलूरु महानगर परिवहन महामंडल (‘बीएमटीसी’ को) ‘एक्स’ के माध्यम से प्रश्न पूछा, तब ‘बीएमटीसी’ ने उत्तर दिया कि, ‘हमारी अनुमति के बिना स्टिकर्स लगाए गए थे, वे तत्काल हटा दिए गए हैं ।’

३. यह सूत्र यहीं पर छोडकर न देते हुए ‘ये स्टिकर्स कौन उपयोग कर रहा था ?’ इसकी जांच करके उन पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है ।

४. यह केवल एक बस का प्रश्न नहीं है, अपितु अन्य राज्यों में, सरकारी वाहनों में, सरकारी सुविधाओं में एवं सरकारी स्थानों पर इस प्रकार से ईसाई धर्म का प्रचार बडे स्तर पर जारी है । कुछ दिन पूर्व ही कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी कुछ स्थानों पर बनाए गए अवैध चर्च हटाने के निर्देश दिए थे ।

५. राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून होते हुए भी धर्मप्रचार के नाम पर अवैध रूप से काम करनेवाले ऐसे ईसाई मिशनरी पर ध्यान देना चाहिए। ऐसी घटनाएं सामने आने पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए ।

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