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ठाणे में गणपति की मूर्तियाें को कचरे में फेंकनेवालों पर आपराधिक मामला दर्ज करे – हिंदू जनजागृति समिति की मांग

150 से अधिक ट्रकों में गणपति की मूर्तियां कचरे में फेकने का बड़ा षडयंत्र; हिन्दू समाज में तीव्र आक्रोश !

इस वर्ष गणेशोत्सव को राज्य सरकार ने “राज्य महोत्सव” का दर्जा दिया है; किंतु ठाणे जिले के डायघर गाँव के डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े के ढेर के पास गणेश मूर्तियाँ रखे जाने की संतापजनक घटना सामने आई है। यह अपमानजनक कृत्य देखकर स्थानीय ग्रामवासियों ने समाज के स्तर पर ही 150 से अधिक डंपरों को मूर्तियों सहित वापस ले जाने को मजबूर किया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अत्यधिक वायरल हो रहा है और इससे संपूर्ण हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएँ गहराई से आहत हुई हैं। इनमें से अनेक ट्रकों पर ‘Vehicle on BMC duty’ लिखा होने यह ट्रक मुंबई महानगरपालिका के होने की प्रबल संभावना है। गणेशोत्सव हिंदुओं का अत्यंत श्रद्धा का उत्सव है और श्री गणेश मूर्ति का अपमान किसी भी हिंदू के लिए असहनीय है। अतः संबंधितों पर आपराधिक मामले दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग हिंदू जनजागृति समिति ने मुंबई एवं ठाणे जिलों के जिलाधिकारी, महापालिका आयुक्त, पुलिस आयुक्त, तथा राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से की है।

इससे पूर्व भी हिंदू जनजागृति समिति की ओर से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पर्यावरण मंत्री, तथा महाराष्ट्र भर के जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों को निवेदन देकर स्पष्ट मांग की गई थी कि गणेश मूर्तियों को कचरा-ढोने वाली गाड़ियों में न ले जाया जाए; कृत्रिम हौद में विसर्जित मूर्तियों का कर्मियों द्वारा अनादर न हो; उन मूर्तियों को कचरे में, निर्जन स्थलों पर या खदानों में न फेंका जाए। फिर भी प्रशासन ने इसका पालन न करते हुए हिंदुओं की आस्था पर प्रहार करने वाला यह गंभीर दुष्कृत्य करवाया है।

गणेश मूर्ति विसर्जन के संबंध में माननीय न्यायालय और महाराष्ट्र शासन के कुछ आदेश हैं; किंतु इसका अर्थ यह नहीं कि भगवान श्री गणेश का अपमान या अनादर किया जाए, यह बात प्रशासन को ध्यान में रखनी चाहिए। हिंदू धर्मशास्त्र के अनुसार श्री गणेश का विसर्जन बहते जल में करने का निर्देश है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को धार्मिक आचरण का अधिकार है, जिसका शासन द्वारा उल्लंघन हो रहा है।

हिंदू जनजागृति समिति की सरकार से आग्रहपूर्ण मांग है कि कचरा-गाड़ियों से गणेश मूर्तियाँ ले जाने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए और इस संदर्भ में जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल आपराधिक मामले दर्ज किए जाएँ। कृत्रिम हौदों में गणेश मूर्तियों के विसर्जन के दौरान कर्मियों द्वारा होने वाला मूर्तियों का अनादर तुरंत रोका जाए। हिंदुओं की धार्मिक भावनाएँ किसी भी प्रकार से आहत न हों, इसकी सावधानी शासन को लेनी चाहिए। आगामी विसर्जन के समय ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए शासन राज्यभर में कठोर निर्देश जारी कर उनकी कड़ाई से पालन की जिम्मेदारी ले।

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