
मुंबई – वांद्रा स्थित नेशनल महाविद्यालय में २६ अगस्त को हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से राष्ट्रपुरुष और क्रांतिकारियों के तेजस्वी कार्य की जानकारी देनेवाला प्रदर्शन लगाया गया था । इस प्रदर्शन का लाभ महाविद्यालय के ३०० विद्यार्थियों ने लिया ।
दीपप्रज्वलन कर श्री सरस्वतीदेवी तथा छत्रपति शिवाजी महाराज को नमस्कार करके इस प्रदर्शन का उद्घाटन किया गया । नेशनल महाविद्यालय की उपप्राचार्या डॉ. नम्रता अजवानी और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विलेपार्ले स्थित मिठीबाई महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रा. श्रीपाद सामंत द्वारा दीपप्रज्वलन किया गया । इस समय नेशनल महाविद्यालय के डॉ. दिनेश हिंमत सिंह, प्रा. डॉ. किरण सावंत, प्रा. डॉ. जेनिफर, प्रा. डॉ. लक्ष्मण जठार उपस्थित थे ।

प्रतिक्रिया
१. प्रा. सुभा भंभाणी – इस प्रदर्शन के कारण विद्यार्थियों में राष्ट्र के विषय में जागृति उत्पन्न हुई।
२. प्रा. आनंद शेट्टी – क्रांतिकारियों के कारण ही देश को स्वतंत्रता मिली । वीर सावरकर को काले पानी का दंड नहीं मिला होता और नेताजी सुभाषचंद्र बोस का आकस्मिक निधन नहीं हुआ होता, तो देश को वर्ष १९४७ से पहले स्वतंत्रता मिल गई होती ।
स्वतंत्रतासंग्राम में राष्ट्रपुरुषों के योगदान का महत्व विद्यार्थियों को समझ आया ! – डॉ. किरण सावंत, इतिहास के प्राध्यापक, नेशनल महाविद्यालय
पाठ्यपुस्तकों से राष्ट्रपुरुषों के विषय में बहुत सीमित इतिहास पढाया जाता है । यह प्रदर्शन विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करनेवाला है । इस प्रदर्शन से क्रांतिकारियों के देश के स्वतंत्रतासंग्राम में योगदान की महत्ता आज विद्यार्थियों के ध्यान में आई ।

क्रांतिकारी ही हमारे सच्चे आदर्श हैं यह विद्यार्थियों को समझ आया ! – प्रा. श्रीपाद सामंत, मिठीबाई महाविद्यालय, विलेपार्ले
क्रिकेटर, अभिनेता और राजनीतिज्ञ आज के युवाओं के आदर्श हैं । यह अंग्रेजी-निर्मित शिक्षा प्रणाली का परिणाम है । जिन्होंने क्रांति करके देश को स्वतंत्रता दिलाई, वे ही देश के सच्चे नायक हैं । क्रांतिकारियों के शिरोमणी वीर सावरकर, स्वामी विवेकानंद, छफेकरबंधू सहित असंख्य क्रांतिकारियों के कारण देश स्वतंत्र हुआ । ये क्रांतिकारी हमारे आदर्श हैं । इस प्रदर्शन से विद्यार्थियों को सत्य इतिहास समझ आया ।








