मंदिर सरकार के नहीं, अपितु भक्तों के नियंत्रण में होना आवश्यक है ! – कृष्णकृपांकित ह.भ.प. डॉ. विकासानंद महाराज मिसाळ

अहिल्यानगर – मंदिर हिन्दू धर्मियों की आस्था का केंद्र हैं; परंतु मंदिरों का सरकारीकरण होने के पश्चात जो न्यासी सरकारी मंदिर में सरकार द्वारा नियुक्त होते हैं, उनका मंदिर से कोई लेना-देना नहीं होता; फिर वे मंदिर में दान किए गए पैसे, अर्थात दान का दुरुपयोग किस प्रकार करते हैं ? इसका भी हमें अध्ययन करना चाहिए । इसलिए हमारे मंदिर सरकार के नहीं, अपितु भक्तों के हाथों में सौंपे जाने चाहिए । प्रत्येक मंदिर को दर्शन के लिए आनेवाले भाविकों का रिकॉर्ड रखना आवश्यक है । उस-उस मंदिर के उपासक उस मंदिर से जोड़ना आवश्यक है । इसलिए मंदिर सरकार को नहीं, अपितु भक्तों के नियंत्रण में होने चाहिए, ऐसा मार्गदर्शन कृष्णकृपांकित ह.भ.प. विकासानंद महाराज मिसाळ ने किया । वे अधिवेशन में मार्गदर्शन कर रहे थे । श्री रेणुकामाता देवस्थान ट्रस्ट, एम.आई.डी.सी., नवनागापुर तथा महाराष्ट्र मंदिर महासंघ, हिन्दू जनजागृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में अहिल्यानगर में २४ अगस्त को महाराष्ट्र मंदिर–न्यास जिला स्तरीय एक दिवसीय अधिवेशन संपन्न हुआ । वे इस अवसर पर उपस्थितों को संबोधित कर रहे थे ।
🚩🛕Hindu temples should be managed by devotees, not by the Government, urged H.B.P. Vikasanand Maharaj at the Temple Conference in Ahilyanagar, attended by 250+ trustees and priests
🛕हिंदूंची मंदिरं सरकारच्या नव्हे, भक्तांच्या नियंत्रणात असावीत, असं आवाहन ह.भ.प. विकासानंद… pic.twitter.com/5MCwi6tPMl
— Sunil Ghanwat 🛕🛕 (@SG_HJS) August 27, 2025

इस अधिवेशन का शुभारंभ सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरु नंदकुमार जाधव, कृष्णकृपांकित ह.भ.प. डॉ. विकासानंद महाराज मिसाळ, ‘मंगल सेवा भक्त मंडल’ के पू. विश्वेश्वर स्वामी महाराज, ‘श्री रेणुकामाता देवस्थान ट्रस्ट’ के अध्यक्ष श्री प्रभाकर भोर, हिंदु जनजागृती के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक श्री सुनील घनवट, पूर्व सहायक धर्मदाय आयुक्त श्री दिलीप देशमुख द्वारा दीपप्रज्वलन कर किया गया । इसके बाद सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले द्वारा दिए गए संदेश का वाचन मंदिर महासंघ के अहिल्यानगर संयोजक श्री भरत शिंदे ने किया । उपस्थितों का स्वागत श्री रेणुकामाता देवस्थान के सचिव श्री दत्तात्रय विटेकर ने किया तथा अधिवेशन की प्रस्तावना हिन्दू जनजागृति समिति के अहिल्यानगर समन्वयक श्री. रामेश्वर भूकन ने रखी । इस अधिवेशन में अहिल्यानगर जिला मंदिर महासंघ की कार्यकारणी घोषित की गई ।
इस अधिवेशन में राहुरी, श्रीगोंदा, आष्टी, अहिल्यानगर, नेवासा, पाथर्डी, संगमनेर, अकोले, श्रीरामपुर, शेवगाव, कर्जत, शिरूर आदि विभिन्न मंदिरों के २५० से अधिक न्यासी, प्रतिनिधि उपस्थित थे ।








