राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा हेतु हिन्दुओं का संगठित होना समय की मांग ! – सद्गुरु स्वाती खाडये, धर्मप्रचारक, सनातन संस्था

रत्नागिरी – हिन्दुओं द्वारा संगठित न होने के कारण ही उनके सामने अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं । हिन्दू लडकियों अथवा महिलाओं पर अत्याचार, धर्मांतरण, मंदिरों का सरकारीकरण, गोहत्या, विविध जिहाद जैसे अनेक प्रकार समाज में हो रहे हैं । यह सब किसी भूमि के टुकडे के लिए नहीं, अपितु हिन्दू धर्म समाप्त करने के लिए हो रहा है । इसे रोकने हेतु भारत का ‘हिन्दू राष्ट्र’ के रूप में घोषित होना आवश्यक है । उसके लिए हिन्दुओं को संगठित होकर अपनी-अपनी क्षमतानुसार तन-मन-धन का त्याग कर, इस राष्ट्र-धर्म के कार्य में सम्मिलित होना आवश्यक है, ऐसा प्रतिपादन सनातन की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडयेजी ने किया ।
शहर के मारुति मंदिर में ‘विवा एक्जिक्युटिव’ में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘उद्योजक एवं अधिवक्ता’ हेतु मार्गदर्शन का आयोजन किया गया था, तब सद्गुरु स्वाती खाडयेजी ने उपस्थितों को संबोधित किया । इस अवसर पर सनातन संस्था की श्रीमती दीपा औंधकर, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. गोविंद भारद्वाज, उद्योजक एवं अधिवक्ता उपस्थित थे । सद्गुरु स्वाती खाडयेजी ने मार्गदर्शन के समय सनातन संस्था की ओर से बच्चों एवं उनके अभिभावकाें के लिए उपयुक्त ग्रंथों की भी जानकारी दी ।








