छत्तीसगढ के कृषिमंत्री नेताम के विरोध में हिन्दू जनजागृति समिति के सुनील घनवट के नाम से प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गईं ९० असत्य शिकायतों का प्रकरण

रायपुर (छत्तीसगढ) – राज्य के कृषिमंत्री रामविचार नेताम की बदनामी के प्रकरण में पुलिस ने ३ संदिग्ध व्यक्तियों को नियंत्रण में लिया है । उनकी पूछताछ की जा रही है । हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट के नाम से असत्य लेटरपैड का उपयोग कर प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपतिभवन एवं अन्य उच्च संस्थाओं को अनुमानतः ८० से ९० झूठी शिकायतें भेजी गई थीं । इनमें मंत्री पर भ्रष्टाचार के निराधार आरोप लगाए गए थे ।
भारतीय जनता पार्टी के नेता राहुल हरितवाल को इस प्रकार की सबसे पहली सूचना प्राप्त हुई । उन्होंने तत्क्षण श्री सुनील घनवट से संपर्क किया । श्री घनवट ने ऐसी किसी भी शिकायत से संबंध न होने की बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका नाम, हस्ताक्षर, पदनाम तथा भ्रमणभाष क्रमांक (मोबाइल नंबर) जाली रूप से उपयोग में लाया गया है । उन्होंने पुणे पुलिस के पास तथा रायपुर जिला पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत प्रविष्ट (दर्ज) करवाई है ।
डाकघर के सीसीटीवी से संदिग्धों की पहचान
पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि ये शिकायतें कोरबा स्थित हसदेव उप डाकघर से पंजीकृत डाक (रजिस्टर्ड पोस्ट) द्वारा भेजी गई थीं । सीसीटीवी चित्रण से मोहन मिरी तथा कमल वर्मा नामक दो संदिग्धों की पहचान हुई । इसके पश्चात पुलिस ने कुल ३ व्यक्तियों को नियंत्रण में लिया है तथा उनसे पूछताछ जारी है । इस संपूर्ण धोखाधडी के पीछे सूत्रधार कौन है एवं उसका उद्देश्य क्या है, यह खोजा जा रहा है ।








