
नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने वाले ऐप्स पर बड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय ने उल्लू (Ullu) समेत 25 ऐप पर बैन लगाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पोर्नोग्राफिक्स कंटेंट और आपत्तिजनक एड दिखाने वाले ऐप्स की पहचान करते हुए यह कदम उठाया है।
सरकार की ओर से जारी किए नोटिफिकेशन के मुताबिक, सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) को निर्देश दिया है कि वे इन 25 ऐप्स को अपने-अपने सर्वर से ठप करें और इनकी पहुंच को तुरंत बंद कर दें। स्टोरीबोर्ड18 ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह कदम कदम अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
A significant step forward: After years of HJS campaigning for OTT regulation, significant awakening campaigns by stalwarts like @UdayMahurkar Ji, @scsb_f, @GemsOfBollywood @SanjeevSanskrit Ji, @swati_gs Ji, @Vishnu_Jain1 Ji & several cultural Yoddhas, the Government of India… pic.twitter.com/b1mFHSWp0f
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) July 25, 2025
हिन्दू जनजागृति समिति ने भी पिछले कुछ वर्षों से वेब सीरिज तथा अश्लील कंटेट परोसने वाले एप्स पर प्रतिबंध की मांग के लिए अभियान चलाया था। इस विषय में ट्रेंड, ज्ञापन प्रस्तुति, आंदोलन आदी के माध्यम से समिति ने आवाज उठाई थी। आज इस आवाज को कुछ हद तक सफलता प्राप्त हुई है।
अभियान का लिंक : वेब सीरीज को सेन्सर बोर्ड जैसे केंद्रीय प्रमाणपत्र प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार में लाया जाए !
कौन-कौन से ऐप हुए बैन?
आल्ट -ALTT
उल्लू -ULLU
बिग शॉट्स ऐप -Big Shots app
देशीफ्लिक्स -Desiflix
बूमेक्स -Boomex
नवरस लाइट -Navarasa Lite
गुलाब ऐप -Gulab app
कंगन ऐप -Kangan app
बुल ऐप -Bull app
जलवा ऐपा -Jalva app
वाओ एंटरटेनमेंट -Wow Entertainment
लुक एंटरटेनमेंट -Look Entertainment
हिटप्राइम -Hitprime
फेनियो -Feneo
शोएक्स -ShowX
सोल टॉकीज -Sol Talkies
अड्डा टीवी -Adda TV
हॉटएक्स वीआईपी -HotX VIP
हलचल ऐप -Hulchul app
मूडएक्स -MoodX
नियानएक्स वीआईपी -NeonX VIP
फ्यूजी -Fugi
मोजीफ्लिक्स -Mojflix
ट्राईफ्लिक्स -Triflicks
क्यों लगाया बैन ?
मिनिस्ट्री ऑफ इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग के मुताबिक, बैन की गई सभी ऐप्स और वेबसाइट्स पोनोग्राफिक कंटेंट समेत आपत्तिजनक ऐड दिखाते हैं। ऐसे में ये आईटी एक्ट, 2000 के सेक्शन 67 और सेक्शन 67ए, भारतीय न्याय संहिता, 2023 के सेक्शन 294 और इनडिसेंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ वुमन (प्रॉहिबिशन) एक्ट, 1986 के सेक्शन 4 समेत कई नियमों का उल्लंघन करते हैं। यही कारण है कि इन पर बैन लगाया गया है।








