दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा – याचिकाकर्ता केंद्र के पास आपत्ति दर्ज कराए, सरकार 7 दिन में फैसला लें
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दाख़िल की याचिका, वकील हैं कपिल सिब्बल
जब कन्हैयालाल जी का गला काटा गया था, तब मुसलमानों की भावनाएं आहत नहीं हुई थी? लेकिन जब एक फिल्म कट्टरपंथ की सच्चाई दिखाए तब भावनाएं आहत होने लगती हैं ! अगर कट्टरपंथी सोच ने यह जघन्य कृत्य किया, तो उसकी सच्चाई से परहेज क्यों? – सम्पादक, हिन्दुजागृतिी

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा कन्हैया लाल पर बनी फिल्म उदयपुर फाइल्स पर रोक लगा दी गई है। इस रोक का कारण मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को आहत करना और सांप्रदायिक सौहार्द के बिगाड़ने तथा देश में अशांति फैलने की संभावनाएं हैं। जिस पर अब फिल्म निर्देशक अमित जानी ने बोला है कि वह दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। वहीं, कन्हैया लाल के बेटे यश साहू ने भी फिल्म पर प्रतिबंध पर कहा कि पिछले 3 सालों से कातिलों को सजा नहीं मिली जबकि सबूत है, मगर फिल्म को रिलीज नहीं किया जा सकता है।
"Will go to Supreme Court…": Producer Amit Jani after HC stays release of 'Udaipur Files'
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— ANI Digital (@ani_digital) July 10, 2025
फिल्म की रिलीज पर रोक लगने के बाद फिल्म डायरेक्टर अमित जानी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह फिल्म किसी भी धार्मिक एजेंडा या धर्म के खिलाफ नहीं बनाई गई है। यह फिल्म सिर्फ और सिर्फ पीड़ित के दर्द को बयां करना है। वहीं, फिल्म बैन के फैसले पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात भी कही है। उनका कहना है कि वे फिल्म रिलीज के लिए संघर्ष नहीं है, उनका संघर्ष पीड़ित को न्याय देना है। हालांकि, फिल्म को CBFC से रिलीज करने की इजाजत मिल गई थी। इसके खिलाफ याचिका जमियत उलेमा-ए-हिंद और पत्रकार प्रशांत टंडन ने की थी।
कोर्ट ने भी फिल्म कपिल सिब्बल को दिखाई थी। उन्होंने भी फिल्म के खिलाफ अपनी राय रखी थी। अब वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, जहां सात दिनों के अंदर फैसला लिया जाएगा कि फिल्म सही है या नहीं।
कन्हैया लाल के बेटे यश साहू ने फिल्म की रिलीज पर कहा कि, वीडियो सबूत होने के बाद भी आरोपियों को कोई सजा नहीं मिली है। उनके पिता की मृत्यु को 3 साल हो चुके हैं, आरोपी रिहा कर दिए गए है लेकिन जो फिल्म हमारा दर्द बयां करने के लिए लाई गई उस पर रोक लगने का फैसला तुरंत ले लिया गया। फिल्म पर तब तक रोक लग सकती है, जब तक दोनों याचिकाकर्ता अपने आवेदन को वापिस नहीं ले लेते हैं।
क्या था कन्हैया लाल केस?
साल 2022 में उदयपुर के एक दर्जी कन्हैयालाल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। कन्हैया के मर्डर का वीडियो सबूत भी मिला था जिसके आधार पर कत्ल करने वाले आरोपियों को पकड़ा गया था। मगर राजस्थान हाईकोर्ट ने 5 सितंबर 2024 को आरोपी मोहम्मद जावेद को रिहा कर दिया था। रिहाई की वजह थी कोर्ट में उसके खिलाफ सही और पूरे प्रमाण का न होना और न तो उसकी मोबाइल लोकेशन का सही से पता लग पाया है।
स्रोत : हिंदी न्यूज 24








