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छत्रपति शिवाजी महाराजजी प्रतिमा नियोजित स्थान पर बिठाए बिना हिन्दू मावळे (सैनिक) शांत नहीं बैठेंगे – सुश्री प्रतीक्षा कोरगावकर, हिन्दू जनजागृति समिति

श्रीरामपुर (अहिल्यानगर) में ‘हिन्दू रक्षा कृति समिति’की ओर से आयोजित सार्वजनिक सभा !

हिन्दू रक्षा कृति समिति की ओर से श्रीरामपुर में मशाल मोर्चा

श्रीरामपुर (जिला अहिल्यानगर) – छत्रपति शिवाजी महाराज प्रत्येक के मन में बैठे देवतास्वरूप हैं । उनकी प्रतिमा नियोजित स्थान पर ही स्थापित होनी चाहिए । जब तक छत्रपति शिवाजी महाराजजी की प्रतिमा नियोजित स्थान पर नहीं स्थापित होती, तब तक प्रत्येक हिन्दू मावळा शांत नहीं बैठेगा । छत्रपति शिवाजी महाराजजी के स्मारक के लिए श्रीरामपुर को ४० वर्षों से लडना पड रहा है, यह इस महाराष्ट्र और हिन्दुओं का दुर्भाग्य है, ऐसा स्पष्ट प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति की सुश्री प्रतीक्षा कोरगावकर ने किया ।

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘श्रीरामपुर में गत कुछ दिनों पहले नामदार राधाकृष्ण विखे पाटील की उपस्थिति में सरला पीठ के महंत रामगिरीजी महाराज के हस्तों छत्रपति शिवाजी महाराज चौक में छत्रपति शिवाजी महाराजी के अश्वारूढ प्रतिमा का भूमिपूजन किया था; परंतु अब यह स्थान बदलकर श्रीरामपुर की सब्जी मंडी में शिवाजी महाराजजी की प्रतिमा स्थापित करने का नियोजन शुरू है ।’’ इस घटना का विरोध करने के लिए श्रीरामपुर में ‘हिन्दू रक्षा कृति समिति’की ओर से श्रीरामपुर शहर में मशाल मोर्चा एवं सार्वजनिक सभा का आयोजन किया था ।

इस प्रसंग में सभा के अध्यक्षस्थान पर सुदाम महाराज चौधरी थे । इनके साथ ही व्यासपीठ कर ह.भ.प. सेवालाल महाराज, ऋषिकेश महाराज, भाजप के भूतपूर्व शहराध्यक्ष संजय पांडे, हिन्दू रक्षा कृति समिति के निमंत्रक श्री. प्रकाश चित्ते, आचार्य महेशजी व्यास, सुनील खपके आदि मान्यवर उपस्थित थे ।

इस अवसर पर सुश्री प्रतीक्षा कोरेगावकर आगे बोलीं, ‘‘आजकल हम देख ही रहे हैं कि हिन्दू महिला एवं लडकियों के लापता होने की मात्रा बढ गई है । इसका कारण क्या है, यह सभी को ध्यान में रख सभी हिन्दुओं को संगठित होना आवश्यक है । इससे अपने धर्म पर होनेवाले आघात और अपनी मां-बहनों के साथ हो रही धोखाधडी रोकने के लिए हम एकत्र आकर उसका सामना कर सकते हैं ।

छत्रपति की प्रतिमा का स्थान बदलना, यह हिन्दू अस्मिता का पराभव ! – प्रकाश चित्ते, निमंत्रक, हिन्दू रक्षा कृति समिती

नामदार राधाकृष्ण विखे पाटील भाजप में थे, परंतु उनके मन से निधर्मी विचार गए नहीं । भविष्य में यहां यदि चुनावों में खडे होना पडा, तो मुसलमान मतदान नहीं करेंगे, यह मानकर उन्होंने भूमिपूजन के पश्चात भी छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का स्थान बदलकर सब्ज मंडी में उसे स्थापित करने का नियोजन आरंभ किया है । उनकी इस भूमिका के कारण हिन्दू अस्मिता का खरे अर्थ में पराभव हुआ है । हिन्दू समाज को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन के मार्ग से लडना होगा और पूर्व नियोजित स्थान पर ही प्रतिमा स्थापित की जाएगी ।

आचार्य महेशजी व्यास बोले, ‘‘छत्रपति शिवाजी महाराजजी की प्रतिमा का पूर्वनिजोजित स्थान बदलना हिन्दू समाज, महंत रामगिरी महाराज एवं सरला पीठ का अनादर है । यह हिन्दू समाज सहन नहीं करेगा ।

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