
रायगड : ‘एक दिन छत्रपति शिवाजी महाराजजी के सान्निध्य में’ इस मुहिम के अंतर्गत हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से रविवार २३ मार्च को रायगढ के पाली में स्थित सुधागढ में मुहिम संपन्न हुई । इसमें ३७ लोग सम्मिलित हुए थे । पनवेल, खोपोली, पेण एवं वर्हाड के धर्मशिक्षावर्ग, हिन्दू जनजागृति समिति की शाखा, स्वसुरक्षा प्रशिक्षणवर्ग और युवा सत्संग के युवक सम्मिलित हुए थे ।
हिन्दू जनजागृति समिति के वर्हाड गांव के शाखा विस्तारक श्री. रोशन खंडागळे एवं श्री. हर्षल खंडागळे ने सभी को गढ की जानकारी दी । वहां के महादेव मंदिर, श्री भोराईमाता मंदिर, श्री हनुमान मंदिर के परिसर में बढी हुई घास, खराब और निर्माल्ययोग्य हुआ ध्वज, इसके साथ ही प्लास्टिक कूडा-कचरा हटाकर, स्वच्छता की और वहां आपातकालीन प्रशिक्षण दिया गया । इसके साथ ही सामूहिक नामजप भी किया गया । तदुपरांत श्री. हर्षल खंडागळे का जन्मदिन आरती उतारकर मनाया गया । छत्रपति शिवाजी महाराजजी की प्रतिमा का पूजन कर हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए कटिबद्ध रहने की प्रतिज्ञा ली गई । सम्मिलित युवाओं को समिति के श्री. सुनील कदम ने राष्ट्र-धर्म कार्य से अवगत करवाया ।
क्षणिका – गढ पर स्थित महादेव मंदिर में भगवान का अस्तित्व अनुभव कर पाएं, ऐसी प्रार्थना करने पर जोरों से हवा चलने लगी मानो आंधी आएगी । इससे प्रार्थना का सामर्थ्य अनुभव हुआ ।
अभिप्राय
१. कु. वेदांत आगिवले (वय ११ वर्ष), खोपोली – मावळे (छत्रपति शिवाजी महाराजजी के सैनिकों को मावळे कहते थे) यह गढ कैसे चढे-उतरे होंगे, इस विचार से मुझे प्रोत्साहन मिल रहा था ।
२. श्री. प्रशांत लिंगायत, पनवेल – इस मुहिम के नियोजन में अनेक बातें सीखीं । पहले तो शंका थी कि क्या इतनी कम आयु के बच्चे यह गढ चढ पाएंगे ?, परंतु ये सभी तो भगवान का नामजप करते और नारे देते हुए गढ चढ गए !
३. श्री. हर्षल खंडागळे, वर्हाड – समिति के कार्य में सम्मिलित होने के समय से ही मुझे अपना जन्मदिन धर्मकार्य में सेवा करते हुए मनाना था । इस मुहिम में जन्मदिन मनाया गया ।
४. श्री. रोशन खंडागळे – गांव के बच्चों के साथ मुझे कभी भी गढ संवर्धन के लिए जाने की इच्छा नहीं होती; परंतु समिति की मुहिम में अवश्य सम्मिलित होने की इच्छा होती है ।
५. श्री. हितेश पडवळ, खोपोली – शनिवार और रविवार की छुट्टी पर मैं अपना समय ऐसे ही बिता देता था; परंतु अब मैं अधिकाधिक समय समिति के कार्य में व्यतीत करता हूं ।
श्री भोराई माता के मंदिर के पुजारी का अभिमत
गढ पर अनेक गढ-संवर्धन करनेवाले संगठन आते रहते हैं; परंतु समिति का राष्ट्र-धर्म कार्यकर्ताओं समान युवासेना पहले कभी नहीं देखी । उन सभी को देख बहुत आनंद हुआ । आपके गुरुजी ने बहुत अच्छी सीख दी है । इसप्रकार के धर्मकार्य करनेवाले लोगों की आज समाज में आवश्यकता है । छत्रपति शिवाजी महाराजजी के विचारों पर चलनेवाले आज के कलियुग में भी हैं, यह देखकर बहुत अच्छा लगा !








