दक्षिणा के रूप में मंदिर के पुजारी की पूजाथाली में स्थित सिक्के भी सरकारी तिजोरी में जमा करने का दिया था आदेश

१. तमिलनाडू के हिन्दू धार्मिक एवं धर्मादाय दान विभाग ने ७ फरवरी २०२५ को उपरोक्त आदेश दिया था । इसमें कहा गया था कि पुजारियों को सरकार द्वारा वेतन दिया जाता है; इसलिए मंदिर से प्राप्त प्रत्येक दान राशि सरकारी तिजोरी में जमा करनी चाहिए ।
२. इस आदेश के संदर्भ में हिन्दू तमिल कत्छी (हिन्दू तमिल पक्ष) संगठन ने विरोध करते हुए कहा था कि यह सूचना हास्यजनक तथा निषेधार्ह है । अधिकांश रूप से भक्त बहुधा मंदिर क पुजारियों की थाली में १ अथवा ५ का सिक्का अर्पण करते हैं । यह अर्पण उस परिसर के तथा स्थानीय परंपराओं के अनुसार किया जाता है । भगवान के विषय में सम्मान तथा कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु सिक्के अर्पण किए जाते हैं । धर्मादाय विभाग को इस छोटेसे अर्पण पर भी ध्यान रखना चूक है । इसके विरोध में न्यायालयीन संघर्ष भी किया जाएगा ।
३. इसके पश्चात भारी मात्रा में हुए विरोध के कारण हिन्दू धर्मादाय विभाग ने ’मंदिरों के न्यासियों से विचार-विमर्श किए बिना यह आदेश दिया गयेा है´ ऐसेा कह यह सूचना वाापस ली है ।
४. इससे पूर्व अप्रैल २०२४ में मंदिर में आए कुछ पैसे लेने के आरोप में तमिलनाडू सरकार ने ४ पुजारियों को बंदी बनाया था । उन पर भक्तों की पुजाथाली में दिए गए पैसे लेने का आरोप लगाया गया था ।








