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हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘हिन्दू राष्ट्र क्यों चाहिए ?’ इस विषय पर सभा

छत्रपति शिवाजी एवं धर्मवीर संभाजी महाराजजी के पराक्रम के कारण सुरक्षित हिन्दू धर्म की रक्षा करना हिन्दुओं का कर्तव्य ! – डॉ. हेमंत चाळके

हिन्दू जनजागृति समिति के डॉ. हेमंत चाळके

सावर्डे –  ‘आज हिन्दू धर्म पर अनेक प्रकार से जिहादी आक्रमण हाे रहे हैं । भारत देश को स्वतंत्रता मिलने पर भी धर्म के आधार पर इस देश का विभाजन हुआ । बहुसंख्यक मुसलमान पाकिस्तान यदि इस्लामी राष्ट्र हो सकता है, तो बहुसंख्या में हिन्दुओं वाला भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित करना अपेक्षित था; परंतु मुठ्ठीभर नेताओं के हठ के कारण यह देश निधर्मी घोषित कर दिया गया । उसके अनेक दुष्परिणाम यहां के हिन्दू आज भी भोग रहे हैं । निधर्मी सरकार अल्पसंख्यक समाज को उन्हें धार्मिक शिक्षा देनेवाली संस्थाओं को सरकारी अनुदान मिलने की व्यवस्था करती है; परंतु हिन्दुओं की भावी पीढी को धर्मशिक्षा देनेवाले गुरुकुलों को सरकारी अनुदान नहीं दिया जाता ! यह हिन्दुओं पर सरासर अन्याय है ।

आज देश के ९ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गए हैं । हिन्दू संगठित न होने से हिन्दुओं का अपना अस्तित्व भी संकट में आ गया था, तब छत्रपति शिवाजी एवं धर्मवीर संभाजी महाराज के पराक्रम से हिन्दू धर्म की रक्षा हुई । इसलिए अब इसकी रक्षा करना हिन्दुओं का कर्तव्य है’, ऐसा प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के डॉ. हेमंत चाळके ने किया । चिपळूण तालुका के ढोक्रवली में श्री वाग्देवी मंदिर सहाण में ‘हिन्दू राष्ट्र क्यों चाहिए ?’ इस विषय पर सभा आयोजित की गई थी । गांवप्रमुख धाकटू रत्ना गावकर ने पहल कर इस सभा का आयोजन किया था । इस अवसर पर उपस्थित हिन्दू बंधुओं ने धर्मशिक्षा वर्ग आरंभ करने की मांग की । इस सभा के आयोजन में सर्वश्री विनायक कांगणे, राम जंगम, रामदास घाग, दयानंद जड्यार, विजय सकपाळ एवं सुनील गांधी ने सहभाग लिया ।

अभिप्राय

१. दत्तात्रय महाडिक : पाश्चात्त्य शिक्षा एवं जीवन पद्धति के चंगुल में फंसकर, अपना धर्म और संस्कृति छोड देना धोकादायक है । इसके लिए हिन्दुओं को धर्मशिक्षा देना आवश्यक है ।

२. गणपत गावकर एवं अजय राणीम : जिन्हें स्वधर्म का अभिमान है, वे ही धर्म की रक्षा के लिए आगे आएंगे । उसके लिए हिन्दू धर्म एवं संस्कृति का अभिमान हिन्दुओं में निर्माण करना चाहिए ।

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