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‘हलाल प्रमाणित’ उत्पादों का बहिष्कार करने की ट्विटर पर उठी मांग, ट्रेंड हुआ #BoycottHalalProducts

राष्ट्रीय ट्रेंड में द्वितीय स्थान पर

मुसलमानों द्वारा प्रत्‍येक पदार्थ अथवा वस्‍तु इस्‍लाम के अनुसार वैध अर्थात ‘हलाल’ होने की मांग की जा रही है । उसके लिए ‘हलाल सर्टिफिकेट’ लेना अनिवार्य किया गया । अब तो यह हलाल प्रमाणपत्र केवल मांसाहारतक सीमित न रहकर खाद्यपदार्थ, सौंदर्य प्रसाधन, औषधियां, चिकित्‍सालय, गृहसंस्‍थी से संबंधित आस्‍थापन और मॉल के लिए भी आरंभ हो गया है । साथ ही हलाल सर्टिफिकेट देनेवाली जमियत-उलेमा-ए-इस्लाम संगठन आतंकी आक्रमणों की घटनाओं के आरोपियों को सहायता उपलब्ध कर लगभग ७०० आरोपियों के पक्ष में अभियोग लड रही है। इससे हलाल प्रमाणित उत्पादों से मिलनेवाले पैसों का उपयोग आतंकी कृत्यों के लिए हो रहा है, यह भी सामने आया है ।

यह षड्यंत्र अब धीरे-धीरे धर्मप्रेमी समाज के ध्यान में आने लगा है । इसका परिणाम आज ट्विटर पर दिखाई दिया । सवेरे से धर्मप्रेमियों ने #BoycottHalalProducts इस हॅशटॅग से ट्विट्स करना आरंभ किया । जिसके कुछ ही देर बात यह ट्रेंड चौथे, तिसरे तथा अंत में दुसरे स्थान पर आया । समाचार लिखने तक यह ट्रेंड अब भी दुसरे स्थान पर है और इस ट्रेंड में अभी तक १ लाख से अधिक ट्विट्स लोगों ने किए है ।

ट्विट्स में धर्मप्रेमियों ने कहा, हमें हलाल उत्पाद बेचकर जबरदस्ती शरिया के अनुसार पालन करने को कहा जा रहा है । कुछ ने कहा कि, हलाल अर्थव्यवस्था यह भारतीय अर्थव्यवस्था को समांतर बनाने का षड्यंत्र है । धर्मप्रेमियों ने प्रतिज्ञा भी की है कि, अब से हम कोई भी उत्पाद लेते समय क्या वह हलाल मार्क तो नहीं है ? इसकी जांच कर ही लेंगे ।

‘हलाल सर्टिफिकेट’ – भारत को इस्‍लामीकरण की ओर ले जानेवाला आर्थिक जिहाद !

ट्रेंड के कुछ ट्विट्स…

 

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