
बिहार-झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में मानव तस्करी का धंधा करने वाले कई बडे गिरोह सक्रिय है। जो साहेबगंज, तीनपहाड, बोरियों, पाकुड बगैरह क्षेत्र के कम उम्र के लडके-लडकियों को लालच देकर देहली, पंजाब व उससे सटे इलाकों में ले जाकर वहां सक्रिय गिरोह के हाथ बेच देते है। और वे इन्हें जिस्म के सौदागरों के हवाले कर मोटी रकम कमाते हैं।
इसी सिलसिले में भागलपुर सरकारी रेलवे पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को दबोचा है। इसके साथ कम उम्र की चार लडकियां और एक लडके को भी पुलिस ने बरामद किया है। भागलपुर जीआरपी के थानेदार अशोक कुमार यादव बताते है कि इन आदिवासी बच्चों के माता पिता को बहला कर शुक्रवार को ट्रेन संख्या १२३६७ भागलपुर-आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन से देहली ले जा रहा था।
इस बात की खुफिया जानकारी मिलने पर ट्रेन की बोगियों की जांच के लिए जीआरपी अधिकारियों व कांस्टेबल को लगाया गया। इसी दौरान ट्रेन की सामान्य बोगी में मानव तस्करी गिरोह का यह सदस्य धरा गया। जीआरपी थानेदार ने इसका नाम मो. सद्दाम अंसारी बताया है। और यह झारखंड के साहेबगंज ज़िले के तीनपहाड इलाके का वाशिंदा है। इसने पूछताछ में सीमावर्ती इलाके में मानव तस्करी के धंधे में बडा गिरोह सक्रिय होने की बात कबूली है।
जीआरपी थानेदार के मुताबिक धरे गए मानव तस्कर से गहन पूछताछ जारी है। इसकी निशानदेही पर गिरोह के दूसरे सदस्यों को भी दबोच लिया जाएगा। और जल्द ही और खुलासे की उम्मीद जताई है। बरामद नाबालिक लडके लडकियों का ठिकाना भी तीनपहाड के आसपास के गांवों में है। और इनकी उम्र बारह से सोलह साल के बीच है। इन्हें पूछताछ कर इनके परिवारवालों को सौंप दिया जाएगा।
स्त्रोत : जनसत्ता








