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कोर्ट ने पूछा, IAS अफसरों के अवैध बच्चों को भी पेंशन मिलती है?

मुंबई – बॉम्बे हाई कोर्ट ने वह सरकारी सर्कुलर मांगा है जिसमें क्लास वन अफसरों की अवैध शादियों से पैदा हुए बच्चों को पेंशन देने की बात कही गई है।

जस्टिस अनूप मेहता और जस्टिस नितिन जामदार ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद यह निर्देश जारी किया। सितंबर 2013 में यह याचिका कार्यकर्ता केतन तिरोडकर ने दायर की थी। यह याचिका हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर पर आधारित है। याचिका में खबर के हवाले से कहा गया कि केंद्र ने ऑल इंडिया सर्विसेज (डेथ-कम-रिटायरमेंट बेनेफिट्स) रूल्स 1958 में संशोधन करके आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों की अवैध शादियों से पैदा हुए बच्चों को पेंशन देने की बात कही है।

याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिए जाएं कि यह नियम सारे केंद्र और राज्य सरकारों के सारे कर्मचारियों के लिए लागू हो। 27 नवंबर को जब यह मामला सुनवाई के लिए सामने आया तो कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों से पूछा कि क्या यह योजना लागू की गई है। वकीलों को इस बारे में कुछ पता ही नहीं था।

तिरोडकर ने बताया कि योजना के तहत पेंशन शुरू हो चुकी है। पर कोर्ट ने सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इसे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने तिरोडकर से कहा कि उस आदेश की कॉपी लेकर आएं। अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

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